हाथरस। जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-तृतीय की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित वर्ष की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए। इस दौरान जनपद न्यायालय से लेकर तहसील स्तर तक कुल ’’71,193’’ मामलों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।लोक अदालत में आर्थिक विवादों और प्रतिकर के मामलों में बड़ी राहत मिली।
मोटर दुर्घटना दावारू पीठासीन अधिकारी मीनू शर्मा के न्यायालय से 25 मामलों का निस्तारण कर पीड़ितों को 2 करोड़ 7 लाख 75 हजार रुपये का प्रतिकर दिलाया गया। बैंक ऋणरू प्रिलिटीगेशन स्तर पर बैंक ऋण के 497 मामलों में 4.52 करोड़ रुपये के समझौते हुए।राजस्व मामलेरू तहसील स्तर पर रिकॉर्ड 34,919 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया।
इस लोक अदालत की सबसे बड़ी उपलब्धि वर्षों से लंबित पड़े मामलों का खात्मा रही। अपर सिविल जज दीपकनाथ सरस्वती के न्यायालय में 20 वर्ष पुराने (वर्ष 2004) एक आपराधिक मामले में दोनों पक्षों ने आपसी कड़वाहट भुलाकर हाथ मिलाया। इसी तरह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरज मिश्रा और सिविल जज जयहिन्द कुमार सिंह के न्यायालयों में 10 साल पुराने मुकदमों का सफल निस्तारण हुआ।पारिवारिक न्यायालय में एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जहाँ प्रधान न्यायाधीश बाबूराम के प्रयासों से 10 विवाहित जोड़े(जैसे करिश्मा-वीरेन्द्र और ज्योति-शिवकुमार) आपसी मनमुटाव खत्म कर फिर से साथ रहने को तैयार हुए। विदाई के समय जोड़ों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेटरू 3,446 लघु आपराधिक वादों में ₹1.78 लाख अर्थदण्ड। विद्युत मामलेरू 132 वादों का निस्तारण कर ₹84,000 जुर्माना वसूल। उपभोक्ता फोरमरू 07 मामलों में ₹3.01 लाख के आदेश पारित स्थायी लोक अदालत 06 वादों में ₹1.12 लाख का प्रतिकर।
लोक अदालत के सफल आयोजन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव ’’जयहिन्द कुमार सिंह’’ ने सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक कर्मचारियों और पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर भारी संख्या में वादकारी और पत्रकार बंधु उपस्थित रहे।
