मसौली /बाराबंकी । मसौली ब्लॉक मुख्यालय पर शनिवार को आयोजित कर्मयोग एवं निषेध तथा विकसित भारत विषयक संगोष्ठी में नशे के खिलाफ सामाजिक चेतना का सशक्त संदेश दिया गया। समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव एल. वेंकटेश्वर लू ने कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जो केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और राष्ट्र को भी खोखला कर देती है। नशे की लत व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर बनाकर उसे अपराध और नैतिक पतन की ओर धकेल देती है।प्रमुख सचिव ने कहा कि नशीले पदार्थ व्यक्ति के मस्तिष्क में रासायनिक परिवर्तन कर देते हैं, जिससे उसका व्यवहार असामान्य हो जाता है और जीवन की दिशा भटक जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जीवन भर नशे से दूर रहने का संकल्प लें और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। जब जन-जन नशे के खिलाफ जागेगा, तभी एक स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव होगा।
मुख्य विकास अधिकारी ए. सुदन ने कहा कि नशा मुक्त समाज की शुरुआत स्वयं से होती है। जब हर व्यक्ति जागरूक होकर नशे से दूरी बनाएगा, तभी विकसित भारत का सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से नशे से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।संगोष्ठी में उपनिदेशक समाज कल्याण अयोध्या मंडल राकेश रमन, ब्लॉक प्रमुख रईस आलम, खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार श्रीवास्तव, जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. नीलम सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्राम स्तर के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए संकल्प लिया। संगोष्ठी ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि नशे के खिलाफ एकजुट प्रयास ही आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य दे सकता है।
