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लक्ष्मी और अन्नपूर्णा स्वरूप हैं प्रदेश की बहनें! मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1.25 करोड़ खातों में भेजे 1500 रुपये


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की बहनें लक्ष्मी और अन्नपूर्णा स्वरूप हैं, उनके सम्मान और सशक्तिकरण के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। महाशिवरात्रि से पूर्व प्रदेश की लाड़ली बहनों को 1500 रुपये की सम्मान राशि की सौगात देते हुए मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1836 करोड़ रुपये अंतरित किए।


यह राशि लाड़ली बहना योजना की 33वीं किस्त के रूप में दी गई। योजना के तहत अब तक कुल 52,304 करोड़ रुपये की राशि हितग्राही महिलाओं को प्रदान की जा चुकी है। कार्यक्रम का आयोजन खंडवा जिले के पंधाना में किया गया, जहां मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में हमारी प्राथमिकता है कि बहनों को प्रशिक्षण मिले, उन्हें स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जाए और मेहनत की सही कीमत मिले। बहनें एक बगिया मां के नाम योजना और स्व-सहायता समूहों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। हमारी बहनें लखपति दीदी के साथ अब ड्रोन दीदी भी बन रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित 5 लाख स्व-सहायता समूह के माध्यम से अब तक 62 लाख बहनें आत्मनिर्भर हुई हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में 1836 करोड़ रुपये अंतरित किए। इस योजना में अब तक लाड़ली बहनों को 52,304 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन के बाद दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और लाड़ली बहनों पर पुष्प वर्षा कर प्रदेश के कल्याण के लिए उनका आशीर्वाद लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर खंडवा के चहुंमुखी विकास के लिए 608 करोड़ रुपये से अधिक के 13 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इसमें 255 करोड़ रुपये लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं 353.82 करोड़ लागत के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा जिले में 301 करोड़ लागत की निर्मित भाम सिंचाई परियोजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्रयोगशाला और पंधाना के नवीन शासकीय सांदीपनि विद्यालय का शुभारंभ भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति नारी प्रधान है। घर में माताओं-बहनों के हाथ में पैसे आएं तो वे उन्हें परिवार की सुख समृद्धि में लगाती हैं। बहनों की जिंदगी बदलने के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार कपास आधारित उद्योग में काम करेंगी तो उन्हें 5 हजार रुपये महीना अलग से दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवार की बेटियों का विवाह मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में हो रहा है। सामूहिक कन्यादान योजना में 55 हजार रुपये प्रति जोड़ा राशि दी जाती है।

सनातन संस्कृति के 16 संस्कारों में विवाह संस्कार सबसे बड़ा संस्कार है। यह परिवार में अमरता का संस्कार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पात्र हितग्राही परिवार की बेटियों के लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था करा रही है, जिससे वे पढ़-लिखकर प्रदेश और परिवार का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला गैस योजना में प्रदेश की 25 लाख बहनों को 111 करोड़ की राशि भी निरंतर भेजी जा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में प्रदेश की 7 लाख से अधिक हितग्राहियों बहनों को 385 करोड़ की राशि दी गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में दूध का उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को भावांतर योजना का लाभ मिला है। गेहूं का समर्थन मूल्य भी 2700 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा। खेती में महिलाओं की भागीदारी जितनी मजबूत होगी, गांव, किसान परिवार और प्रदेश की अर्थव्यवस्था उतनी ही सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना के लिए फिर से सर्वे कराया जा रहा है, जिससे वंचित पात्र हितग्राहियों को भी पक्के मकान मिल पाएं। राज्य सरकार गांव-गांव तक नल जल योजना से शुद्ध पेय जल उपलब्ध करवा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खंडवा दादा धूनीवाले दादा, क्रांति सूर्य जननायक टंट्या मामा और सुप्रसिद्ध गायक किशोर कुमार की धरती है। राज्य सरकार ने टंट्या मामा के नाम पर खरगौन में विश्वविद्यालय स्थापित किया। साथ ही,जनजातीय महापुरुषों को सम्मान देने के लिए कार्यक्रमों की रचना भी की है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर मालवा और निमांड़ अंचल की पहचान है। उन्होंने वाराणसी के काशी विश्वनाथ सहित अनेक मंदिरों को भव्यता प्रदान की। बहुत जल्द खंडवा से ओंकारेश्वर और ओंकारेश्वर-इंदौर के बीच नई रेल लाइन की शुरुआत होगी। निमाड़ की कनेक्टिविटी इंदौर और दिल्ली-मुंबई से बढ़ जाएगी।

औद्योगिक विकास के साथ निमाड़ अंचल भी समृद्ध होगा। बाबा ममलेश्वर धाम (ओंकारेश्वर) को विकसित करने के लिए 300 करोड़ लागत से विकास कार्य किए जा रहे हैं। यहां एकात्म धाम, स्टैच्यू ऑफ वननेस, संत सिंगाजी धाम के विकास कार्यों के पूर्ण होने पर निमाड़ अंचल धार्मिक पर्यटन का अद्भुत केंद्र बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक कल्याण वर्ष में खंडवा जिले के लिए सुक्ता माइक्रो सिंचाई परियोजना, पंधाना में "एक जिला-एक उत्पाद" योजना में प्याज प्रोसेसिंग यूनिट और पंधाना तालाब नगर परिषद को हस्तांतरण करने की घोषणा की।

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