बाराबंकी । मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोकसभागार में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन के साथ जनपद में संचालित 50 लाख रूपए से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में परियोजनावार प्रगति की जानकारी लेते हुए डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता, मानकों और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा अधोमानक सामग्री के प्रयोग की पुष्टि होने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और अभियंताओं के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्माण कार्यों का नियमित स्थलीय निरीक्षण करने तथा अद्यतन प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।समीक्षा के दौरान बनीकोडर, सिरौलीगौसपुर और नवाबगंज में निर्माणाधीन आईटीआई भवन, भिटरिया स्थित बस स्टेशन, रामसनेहीघाट में कल्याण मंडप, राजकीय पॉलिटेक्निक बाराबंकी में छात्रावास निर्माण, सतरिख की राजकीय पौधशाला, जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय तीरगांव में ट्रांजिट हॉस्टल, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत सरकारी कृषि फार्म, जीजीआईसी देवा, डायट गणेशपुर में फाउंडेशन कार्य, बनीकोडर स्थित बुढ़वाबाबा मंदिर में कराए जा रहे निर्माण कार्य तथा थाना जैदपुर, सतरिख, आरएस घाट, देवा और मसौली के निर्माण कार्यों सहित अन्य प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।बैठक में जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग (सीडी-1, सीडी-3), जल निगम, बाढ़ खंड, नेडा, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के तकनीकी एवं नोडल अधिकारी मौजूद रहे।
