Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

Sonebhadra: 5 मजदूरों के हत्या का माफिया कौन? किसपर होती है कार्यवाही मुआवजे के बाद फाइले बन्द होगी कि चालू रहेगी।

प्रभारी मंत्री,सदर विधायक ने बोला कि किसी को नही बक्सा जाएगा चाहे कोई हो त्रिस्तरीय की भी होगी जांच,डीएम के दिए हुए हल्प नामें की होगी जांच।

सोनभद्र। बिल्ली स्थित कृष्णा माइनिंग खदान हादसे में 5 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 52 घंटे बीत जाने के बाद भी रेस्क्यू टीम लगातार मलबा हटाने में जुटी है। जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने बताया कि रेस्क्यू अपने अंतिम चरण में है और जल्द आखिरी शव को भी बाहर निकाल लिया जाएगा। घटना के बाद माइंस संचालक समेत तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है। इस हादसे ने खनिज विभाग और जिला प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि जिले में सैकड़ों खदानें बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रही हैं। सोनभद्र में खनन सिंडिकेट का दबदबा इतना मजबूत बताया जा रहा है कि सैकड़ों करोड़ का अवैध खनन खुलेआम जारी है। यह हादसा सुरक्षा मानकों की अनदेखी का भयावह उदाहरण बनकर सामने आया है। तीन जिले की पुलिस छावनी में तब्दील मीडिया को जाने से अब खदान पर रोका इसके पीछे प्रशासन का क्या रोल। अब देखना है कि किस किस पर गिर सकती है गाज। सूत्रों की माने तो और लोग थे परसेंटेज पर विवेचना में खुल जाएगा राज। परिजनों को 20 -20 लाख का मिलेगा मुआवजा।
1- राजू सिंह गोंड पुत्र त्रिवेणी सिंह 40 वर्ष निवासी परसोई टोला अमेरीनिया ओबरा।
2 - संतोष यादव 30 वर्ष पुत्र शोभनाथ यादव,  करमसार, पनारी ओबरा।
3- इंद्रजीत यादव 32 वर्ष पुत्र शोभनाथ यादव,  करमसार, पनारी ओबरा।
4-  रविन्द्र उर्फ नानक 18 वर्ष पुत्र राजकुमार, कचनरवा कोन।
5- रामखेलावन पुत्र सीताराम उम्र लगभग 40 वर्ष निवासी पनारी टोला खङरी थाना ओबरा।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |