पंचांग अनुसार 16 नवंबर 2025 का दिन बेहद खास साबित होगा क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग रहेगा। ये दोनों ही योग शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माने जाते हैं। इसके अलावा इस दिन वृश्चिक संक्रांति भी मनाई जाएगी। सूर्य देव दोपहर 1 बजकर 45 मिनट पर वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जायेंगे। वहीं इस दिन उत्पन्ना एकादशी व्रत का पारण भी किया जाएगा। यहां आप पंचांग से जानेंगे इस दिन के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त।
वृश्चिक संक्रांति पुण्य काल
- वृश्चिक संक्रान्ति पुण्य काल मुहूर्त - 08:02 AM से 01:45 PM
- वृश्चिक संक्रान्ति महा पुण्य काल - 11:58 AM से 01:45 PM
उत्पन्ना एकादशी व्रत का पारण समय दोपहर 01:10 से 03:18 बजे तक रहेगा। पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय सुबह 09:09 बजे का है।
16 नवंबर 2025 शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त 04:58 ए एम से 05:51 ए एम
- प्रातः सन्ध्या 05:25 ए एम से 06:45 ए एम
- अभिजित मुहूर्त 11:44 ए एम से 12:27 पी एम
- विजय मुहूर्त 01:53 पी एम से 02:36 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त 05:27 पी एम से 05:54 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या 05:27 पी एम से 06:47 पी एम
- अमृत काल 07:32 पी एम से 09:18 पी एम
- निशिता मुहूर्त 11:40 पी एम से 12:33 ए एम, नवम्बर 17
- द्विपुष्कर योग 02:11 ए एम, नवम्बर 17 से 04:47 ए एम, नवम्बर 17
- सर्वार्थ सिद्धि योग 06:45 ए एम से 02:11 ए एम, नवम्बर 17
- अमृत सिद्धि योग 06:45 ए एम से 02:11 ए एम, नवम्बर 17
- राहुकाल 04:07 पी एम से 05:27 पी एम
- यमगण्ड 12:06 पी एम से 01:26 पी एम
- गुलिक काल 02:46 पी एम से 04:07 पी एम
- विडाल योग 02:11 ए एम, नवम्बर 17 से 06:45 ए एम, नवम्बर 17
- वर्ज्य 08:53 ए एम से 10:39 ए एम
- दुर्मुहूर्त 04:01 पी एम से 04:44 पी एम
- बाण अग्नि - 01:45 पी एम तक
