बलिया। बिहार विधानसभा चुनाव में विरोधी दलों को आश्चर्य चकित करने वाला परिणाम सामने आया है। जिसकी उन्हें उम्मीद तक नहीं थी। लेकिन सच कहा जाए तो बिहार की जीत हिंदुत्व एवं अमित शाह के राानीतिक रणनीति कौशल की जीत है। यही वजह है कि आज भारतीय जनता पार्टी को गृहमंत्री पर नाज है। बिहार चुनाव की डुगडुगी बजने के बाद से लगातार गृहमंत्री अमित शाह का समय देना और चुनाव में अहम् भूमिका निभाना अंततः रंग लाई। इसी कारण एनडीए को प्रचंड जीत मिली। यह बात पूर्व सांसद विरेंद्र सिंह मस्त ने पत्रकारों से विशेष बातचीत में कही।
पूर्व सांसद ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए बना बेमेल गठबंधन की ताकत को मतदाताओं ने सिरे से खारिज कर दिया। गठबंधन का एम-वाई फैक्टर भी नाकाम रहा। महिला और यूथ ने सोच समझकर भारतीय जनता पार्टी को वोट किया।
विरेंद्र सिंह ष्मस्तष् ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह रही कि कई प्रांतों में भाजपा लोकसभा चुनाव में भले ही कम सीट पाई हो और लोकसभा सीट हारी हो, लेकिन उन राज्यों में विधानसभा चुनाव में बेहतर रिजल्ट मिला। लोगों को समझने में थोड़ा वक्त जरूर लगा, लेकिन अंततः जीत सच्चाई की हुई। इनमें से बिहार विधानसभा चुनाव भी एक है। कहा कि हमें नाज है अपने शीर्ष नेताओं पर जिन्होंने अच्छी सोच के साथ अच्छी रणनीति तैयार की।
