बाराबंकी। लोधेश्वर महादेव धाम में सोमवार से शुरू हुए महादेवा महोत्सव ने भक्ति, उल्लास और रोमांच का ऐसा अद्भुत संगम रचा है कि पूरा परिसर जीवंत आस्था का साक्षात् उत्सव बना हुआ है। सोमवार से शुरू हुए इस महोत्सव में जहां एक ओर भगवान भोलेनाथ के जयकारों से वातावरण गूंज रहा है, वहीं दूसरी ओर बच्चों की खिलखिलाहट और झूलों की मस्ती मेले को और भी जीवंत बना रही है।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के निर्देशन में रामनगर की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल महोत्सव को भव्य, सुरक्षित और आकर्षक बनाने के लिए लगातार मानीटरिंग में लगी हैं। उनके मार्गदर्शन में महोत्सव पंडाल के सामने बच्चों के मनोरंजन के लिए अनेक आधुनिक एवं पारंपरिक झूले लगाए गए हैं। एयरप्लेन झूला, कपदृप्लेट, ब्रेक डांस झूला, वाटर बोर्ड, मिनी ट्रेन, जंगल मनसा, जंगल बोंसा, हवाई झूला, ड्रैगन ट्रेन जैसे झूलों पर बैठते ही बच्चों व युवाओं के चेहरों पर खिल उठती मुस्कान महोत्सव की असली रौनक बिखेर रही है। शाम ढलते-ढलते झूलों की चकाचैंध भरी रोशनी और गूंजता संगीत पूरे मेले को रोमांचित कर देता है।
इन्हीं झूलों के सामने सजीव अमरनाथ गुफा की भव्य झांकी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है। स्वर्गीय भगवती सिंह स्मारक सेवा समिति, दुर्गा जागरण समिति रानीगंज और अमरनाथ बर्फानी लोधेश्वर सेवा समिति द्वारा पूर्व ब्लॉक प्रमुख बृजपाल सिंह उर्फ ज्ञानू सिंह के नेतृत्व में तैयार की गई इस झांकी को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठते हैं। गुफा के ऊपर स्थापित भगवान भोलेनाथ की मूर्ति, ऊपर से बहती गंगा की प्रतीकात्मक धारा और भीतर विराजमान गणेश, लक्ष्मी, रिद्धिदृसिद्धि, हनुमान जी सहित अन्य देवीदृदेवताओं की मनोहारी प्रतिमाओं के दर्शन करते ही ऐसा अहसास होता है मानो सचमुच अमरनाथ की पवित्र गुफा में पहुंच गए हों।
दिनभर दर्शनार्थियों की कतारें इस झांकी के बाहर लगी रहती हैं। अनेक श्रद्धालु हाथ जोडकर नम आंखों से भोले बाबा के समक्ष मन्नतें मांगते दिखते हैं। छोटे-छोटे बच्चों को माता-पिता गोद में उठाकर गुफा के भीतर दर्शन कराते हैं, तो बुजुर्ग आशीर्वाद भरी निगाहों से इस अलौकिक दृश्य को निहारते रहते हैं।
महोत्सव में इस बार ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ प्रदर्शनी भी खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पंडाल के पास लगी इस प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश और देश में हुए विकास कार्यों को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक योजनाओं से जुड़े फोटो और जानकारी को लोग बड़े ध्यान से देखते हैं। युवा और छात्र यहां रुककर नए उत्तर प्रदेश की झलक समझने की कोशिश करते दिख रहे हैं।
इसके साथ ही मेले में दो दर्जन से अधिक खरीदारी स्टॉल लगाए गए हैं, जहां घरेलू उपयोग के सामान, खिलौने, सजावटी वस्तुएं, स्थानीय उत्पाद और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सामग्री उपलब्ध है। श्रद्धालु दिन में दर्शन और शाम को परिवार संग खरीदारी का आनंद लेते नजर आते हैं। महिलाएं बर्तनों, सजावटी सामान और कपड़ों के स्टॉल पर उत्साह से मोलभाव करती दिखती हैं, तो बच्चे खिलौनों की दुकानों पर अपनी पसंद जता रहे हैं।
महादेवा महोत्सव के इस स्वरूप में आस्था, आनंद, विकास और संस्कृति का ऐसा भावनात्मक संगम दिखाई देता है, जिसमें एक ओर लोधेश्वर महादेव के प्रति अटूट श्रद्धा है, तो दूसरी ओर बदलते उत्तर प्रदेश की प्रगति की झलक भी साफ नजर आती है। महोत्सव की रौनक से लोधेश्वर धाम ही नहीं, पूरा क्षेत्र उत्साह और उमंग से सराबोर है।
