शाहबाद। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ओसी की रहने वाली मेनाज पत्नी इकराम पुत्री रशीद ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर गुजर लगाई थी कि उसकी शादी साढे चार वर्ष पूर्व इकराम पुत्र सद्दीक निवासी मौहल्ला नखासा थाना कोतवाली चन्दोसी जिला संभल के साथ हुयी थी। शादी में उसकी विधवा मां व विकलांग भाई ने अपनी हैसियत के मुताबिक दान दहेज दिया था लेकिन दिये गये दान दहेज से उसका पति इकराम, सास मुन्नी, देवर निजाम, देवरानी मैराज, जेठ भूरा, रिजवान, जेठानी राहत ननद सीमा खुश नहीं थे। शादी के बाद से ही कम दहेज लाने का ताना देते थे और कहते थे कि तू नंगे घर की है तू अपने मां और भाई से नगद पांच लाख रूपये व एक मारूति कार व दस तौला सोना लेकर आ इसी बात को लेकर प्ससुराल वाले उसके के साथ बुरी तरह से मारपीट करते थे । शारीरिक व मानसिक यातनाये देते थे। आप यह भी है कि देवर निजाम जेठ, भूरा व रिजवान उसको अकेला देखकर उसके साथ छेडछाड व अश्लील हरकते करते थे।
जब वह विरोध करती तो यह लोग उसको तलाक दिलवाने की धमकी देते थे छह माह पूर्व उसके पति व उपरोक्त ससुराल वालों ने 5 लाख तथा मारुति कर की मांग करते हुए घर से निकाल दिया।
08.11.2025 को समय करीब 11 बजे सुबह जब वह अपने मायके ओसी में थी तो तभी उसका पति इकराम,सास मुन्नी, देवर निजाम देवरानी जेठ भूरा व रिजवान राहत ननद सीमा समस्त निवासीगण मौहल्ला नखासा थाना कोतवाली चन्दौसी जिला संभल एक राय मश्वरा होकर उसके घर आये और अतिरिक्त दहेज में पांच लाख रूपये नकद व एक मारूति कार तथा 10 तोला सोना की मांग की इंकार करने पर उसके साथ मारपीट व गाली गलोच की और जब उसकी मा व भाई ने बचाने का प्रयास किया तो इन लोगो ने इनके साथ भी मारपीट की तथा उसके पति इकराम ने तलाक-तलाक-तलाक कहकर तीन तलाक दे दिया। कोतवाली पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर उपरोक्त आठ लोगों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की है।
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