बाराबंकी। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री लोधेश्वर महादेव धाम में सोमवार से शुरू हुए महादेवा महोत्सव का पहला दिन भक्ति, कला और सांस्कृतिक आस्था का अद्भुत संगम बन गया। शाम ढलते ही महोत्सव परिसर दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और संगीत की धुनों से शिवमय हो उठा।कार्यक्रम में सुगम संगीत बहार के कलाकारों ने निदेशक प्रभात दीक्षित के निर्देशन में सास्कृतिक कार्यक्रमों व भजनों से मौजूद दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरी। मंचीय कार्यक्रमों की शुरुआत पंडित अनुज मिश्रा डांस ग्रुप द्वारा प्रस्तुत भव्य शिव वंदना से हुई। सधे हुए कदम, भावपूर्ण मुद्राएँ और सुमधुर संगीत ने ऐसा वातावरण रचा कि श्रद्धालु कुछ पल के लिए मंत्रमुग्ध रह गए। इसके बाद मंच पर प्रस्तुत आनंद तांडव और रौद्र तांडव ने पूरे परिसर की ऊर्जा को नया आयाम दिया। कलाकारों की लय, गतिमयता और भावाभिव्यक्ति ने दर्शकों को इस कदर प्रभावित किया कि तालियों की गड़गड़ाहट देर तक नहीं थमी।
इसके बाद समूह द्वारा गणेश वंदना, शक्ति वंदना और शिव तांडव की मनोहारी प्रस्तुतियाँ दी गईं। एक-एक प्रस्तुति के साथ श्रद्धालु कभी भक्ति में डूबते, तो कभी कलाकारों की अद्भुत कला देखकर रोमांचित हो उठते। नृत्य, नाट्य और भाव भंगिमाओं का यह अनूठा संगम महोत्सव के पहले दिन को यादगार बना गया।
कार्यक्रम का शिखर बिंदु रहा पुराणों के पावन प्रसंग गंगा अवतरण का सजीव मंचन रहा इसमें शिव का किरदार अनुज मिश्रा, गंगा की भूमिका नेहा सिंह और राजा भागीरथ की भूमिका विवेक वर्मा ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से निभाया, जैसे ही मंच पर शिव-जटाओं में समाती गंगा और फिर पृथ्वी पर अवतरित होती गंगा का दृश्य प्रस्तुतीकरण किया गया, पूरा वातावरण भावविभोर हो उठा। श्रद्धालुओं की आंखों में श्रद्धा और रोमांच का अनूठा मिश्रण साफ झलकने लगा।
कार्यक्रम में कलाकार अनुज मिश्रा, नेहा सिंह, विवेक वर्मा, शिवेंद्र कुमार, मैत्री चैहान, शिवेंद्र तनु, हर्षाली, अनुप्रिया, मानसी, प्रज्ञानसी, कमल, राजीव सहित कई प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति से महोत्सव की गरिमा को और बढ़ाया।
उधर, कुर्सी विधानसभा के विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा कार्यक्रम में पहुंचे और महोत्सव की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। उनके साथ तहसीलदार विपुल सिंह, नायब तहसीलदार विजय प्रकाश तिवारी सहित कई राजस्व एवं पुलिस कर्मी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।
श्रद्धा, संगीत और नृत्य से सराबोर महादेवा महोत्सव का प्रथम दिवस सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। लोधेश्वर धाम का पूरा वातावरण देर रात तक हरदृहर महादेव के जयघोष और तालियों की गूंज से अनुप्राणित रहा, मानो स्वयं महादेव अपने धाम में इस सांस्कृतिक आराधना को साक्षी भाव से निहार रहे हों।
