भांवरकोल/ गाजीपुर। प्राकृतिक आपदा की दोहरी चोट झेल रहे क्षेत्र के किसानों को अब तक राहत राशि का इंतजार है। शेरपुर सहित आसपास के सैकड़ों गाँवों में दो बार आई बाढ़ से मिर्च, टमाटर, गोभी, करैला, लौकी आदि सब्जियों की फसलें नष्ट हुईं, और अब चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने धान, आलू, मसूर, बाजरा, मटर सहित अन्य सब्जियों को भी पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।
खेतों में पानी भरने से धान की फसल सड़ रही है, बाजरा अंकुरित हो गया है, जबकि गोभी, टमाटर, मिर्च, बैंगन और सब्जी मटर की खेती शत-प्रतिशत तबाह बताई जा रही है। शेरपुर, कुंडेसर, वीरपुर, पलिया, मनिया, सियाड़ी, कनुवान आदि अनेक गांवों के किसान सबसे अधिक प्रभावित हैं।
किसानों का कहना है कि अभी तक लेखपालों द्वारा जमीनी स्तर पर वास्तविक सर्वेक्षण नहीं किया गया, जिससे उनकी निराशा बढ़ती जा रही है। किसान नेताओं दृ देवेंद्र प्रताप सिंह, दिवाकर राय, बिनोद कुशवाहा एवं झबल्ल राय ने माँग की कि प्रशासन तुरंत सही सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आंकलन करे और उचित मुआवजा प्रदान करे।किसानों का सवाल है दृ पीड़ित जाएँ तो जाएँ कहाँ?राहत कब मिलेगी इसका जवाब प्रशासन के पास ही है।
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