पाकिस्तान के इस शहर में दिल्ली जैसा हाल! पॉल्यूशन खत्म करने के लिए लेनी पड़ रही AI की मदद
November 18, 2025
पाकिस्तान का लाहौर कभी हरे-भरे बागों के लिए मशहूर था, लेकिन अब हर सर्दी यह शहर घने स्मोग की चपेट में आ जाता है. नवंबर शुरू होते ही आसमान धुएं, धूल और जहरीले कणों से भर जाता है. हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि स्कूल, दुकानें और हाईवे तक बंद करने पड़ते हैं. लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है. इस स्थिति से निपटने के लिए पंजाब सरकार ने इस बार एक हाई-टेक तरीका अपनाया है और वो है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI).
पूरे पंजाब में 100 से ज्यादा उन्नत मशीनें लगाई गई हैं, जो लगातार हवा की क्वालिटी मापती रहती हैं. AI इन डेटा को पढ़कर पहले ही बता देता है कि किस क्षेत्र में स्मोग बढ़ने वाला है.
एक कंट्रोल रूम बनाया गया है जहां सैटेलाइट इमेज, ग्राउंड सेंसर और वैश्विक डेटा को AI साथ जोड़कर विश्लेषण करता है. आवश्यकता पड़ते ही तुरंत निर्णय लिया जाता है.फैक्ट्रियों और ईंट-भट्ठों से निकलने वाले धुएं पर नजर रखने के लिए हजारों कैमरे, थर्मल सेंसर और ड्रोन लगाए गए हैं. हर फैक्ट्री को QR कोड दिया गया है. जैसे ही प्रदूषण ज्यादा दिखता है, AI तुरंत अलर्ट भेजता है
लाहौर में जहां भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है, वहां बड़ी पानी की तोपें अपने आप चालू हो जाती हैं. एक पायलट टेस्ट में कुछ घंटों में 70% तक सुधार देखने को मिला.
नासा और पाकिस्तान की स्पेस एजेंसी की सैटेलाइट डेटा से पता लगाया जाता है कि कहां पराली जलाई गई है. इसके बाद किसानों की जानकारी लोन रिकॉर्ड से मिलाकर कार्रवाई होती है. पिछले साल पराली जलाने के मामलों में 65% की कमी आई.
