लखनऊः दिवाली के पटाखे बच्चों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं-डॉ. अक्षय मेहता
October 15, 2025
लखनऊ/नोएडा। दिवाली पर रंग-बिरंगे पटाखे और उनकी आवाज देखने-सुनने में अच्छे लगते हैं, लेकिन ये बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। पटाखों से निकलने वाला धुआं और प्रदूषण उनके फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। अगर माता-पिता थोड़ी सावधानी रखें, तो बच्चों को इनसे बचाया जा सकता है।दिवाली खुशियों और रोशनी का त्योहार है, लेकिन पटाखे जलाने से हवा में धूल, धुआं और जहरीली गैसें फैल जाती हैं। इससे सांस लेने में परेशानी, खांसी, एलर्जी और अन्य फेफड़ों की बीमारियां हो सकती हैं, खासकर छोटे बच्चों में। बच्चों के फेफड़े नाजुक होते हैं और उनका शरीर प्रदूषण से जल्दी प्रभावित होता है। प्रदूषण के कारण बच्चों को सांस लेने में तकलीफ, एलर्जी और लंबे समय तक चलने वाली श्वसन समस्याओं का कारण बन सकती हैं। इसलिए बच्चों की सेहत का ध्यान रखना काफी जरूरी हैं।पटाखे बच्चों के फेफड़ों को कैसे नुकसान पहुंचाते हैंपटाखे फूटने पर हवा में सल्फर डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और च्ड2.5 जैसे छोटे-छोटे हानिकारक कण फैलते हैं। ये कण हवा में देर तक बने रहते हैं और बच्चे इन्हें सांस के साथ अंदर ले लेते हैं। इससे बच्चों को सांस लेने में दिक्कत, खांसी, घरघराहट, गले में जलन और सीने में दर्द हो सकता है। धुआं बच्चों को सांस लेने में तकलीफ और लगातार खांसी का कारण बन सकता है। इसके अलावा, कभी-कभी बच्चों को अस्थमा या ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं। बार-बार ऐसे प्रदूषण में रहने से बच्चों के फेफड़ों की ताकत कम हो सकती है। ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है, और बच्चों में पुरानी श्वसन बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। कुछ बच्चों को तो अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत भी पड़ सकती है। इसलिए, इको-फ्रेंडली पटाखों का चयन करना चाहिए। क्योंकि 5 साल से छोटे बच्चों को पटाखों के धुएं से बिल्कुल दूर रखना चाहिए।
