सहारनपुर। भारतीय संस्कृति में भाई बहन के आपसी प्रेम का प्रतीक भैया दूज का पर्व जनपद में परम्परागत तरीके से मनाया गया। इस मौके पर बहनों ने भाईयों के माथे पर चंदन का टीका लगाकर व मुंह मीठा कराकर उनके दीर्घायु जीवन की कामना की तथा भाईयों ने अपनी बहनों की रक्षा करने का संकल्प लिया। भैया दूज पर ट्रेनों एवं रोडवेज बसो में यात्रियों की काफी भीड़ देखी गई। जिसके चलते यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
भैया दूज त्यौहार को लेकर बहनों में काफी उत्साह नजर आया। सुबह सवेरे से ही बहने अपने भाईयों के माथे पर तिलक लगाने की तैयारियों में जुटी थी। दूर दराज से आये भाईयों ने भी समय पर पहुंचकर भैय्या दूज का त्यौहार मनाया और अपनी बहनों की रक्षा करने का संकल्प लिया। भैया दूज के अवसर पर जहां रोडवेज व रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का जमावड़ा लगा रहा। इस दौरान यात्रियों को सफर के लिए अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक भैया दूज पर्व जिला कारागार में भावनाओं से भरा रहा। जेल में निरुद्ध कैदियों की बहनों ने नम आँखों से अपने भाइयों के माथे पर तिलक किया और उनके शीघ्र रिहा होने की कामना की। वहीं भाइयों ने भी बहनों के चरण स्पर्श कर अपराध की राह छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया। जिला कारागार परिसर में सुबह से ही बहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। प्रशासन की अनुमति मिलने पर बहनों ने अपने भाइयों के साथ मिलकर तिलक, मिठाई व आरती के साथ पर्व मनाया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि भैया दूज पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गई थीं। बहनों ने भावुक होकर कहा कि अगली बार वे यह त्यौहार घर पर मनाने की उम्मीद रखती हैं, न कि जेल में। उन्होंने जेल प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना भी की। भाई दूज के इस अवसर ने जेल की दीवारों के भीतर भी भाई-बहन के अटूट प्रेम और सुधार की भावना को जीवंत कर दिया। जेल अधीक्षक सत्य प्रकाश सिंह, जेलर प्रशांत उपाध्याय और समस्त जेल स्टाफ के प्रयासों से आयोजन सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
