पीलीभीत। परिवहन नियमों की अनदेखी कर अनाधिकृत रूप से चल रही बसों पर अब प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। बुधवार को एआरटीओ (प्रवर्तन) वीरेंद्र सिंह के निर्देशन में जनपद के विभिन्न मार्गों पर एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान कई बाहरी राज्यों की बसें नियमों का उल्लंघन करती हुई पाई गईं, जिनके विरुद्ध विभाग ने कड़ी कार्रवाई की।
अभियान के दौरान क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने, परमिट शर्तों के उल्लंघन, और सुरक्षा मानकों की अवहेलना जैसे मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया। एआरटीओ टीम ने जनपद में प्रवेश करने वाली और गुजरने वाली सभी बसों की सघन जांच की।
चेकिंग के दौरान जम्मू-कश्मीर नंबर की एक बस को निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर एवं परमिट शर्तों का उल्लंघन करते हुए पाया गया। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए परिवहन विभाग ने बस को पूरनपुर गेट पुलिस चैकी पर सीज कर दिया।
इसी क्रम में नागालैंड नंबर की एक स्लीपर बस को भी गंभीर अनियमितताओं के चलते पकड़ा गया। जांच में पता चला कि बस में मानक सीट क्षमता से अधिक सीटें जोड़ी गई थीं। इतना ही नहीं, आपात स्थिति में उपयोग होने वाला इमरजेंसी गेट भी नहीं लगाया गया था, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में थी। साथ ही बस में ऊपर की छत तक सामान लदा हुआ था और सवारियों की संख्या भी निर्धारित सीमा से अधिक थी।
इन गंभीर उल्लंघनों के कारण बस को थाना गजरौला में सीज कर दिया गया। मामले की तकनीकी जांच के लिए तकनीकी अधिकारी एआरटीओ वैभव सोती को निर्देश दिए गए हैं, ताकि आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इसी अभियान के दौरान अन्य प्रदेशों से आवागमन करने वाली तीन और बसें भी नियमों का उल्लंघन करते हुए पाई गईं। इनमें क्षमता से अधिक सवारी बैठाने और परमिट शर्तों का पालन न करने जैसे मामले सामने आए।
इन बसों के विरुद्ध प्रवर्तन टीम ने चालान की कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप कुल 1,57,000 का प्रशमन शुल्क वसूला गया।
एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि अनाधिकृत या परमिट शर्तों का उल्लंघन करते हुए बसें संचालित करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी स्थिति में परिवहन नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के सघन प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर रूप से जारी रहेंगे, ताकि जनपद की सड़कों पर सुरक्षित और नियमों के अनुरूप परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
परिवहन विभाग के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल बसों का चालान भर नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और जनहित से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना है। विभाग की टीम यह भी सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी बस में सुरक्षा उपकरण, फर्स्ट एड किट, अग्निशमन यंत्र और इमरजेंसी गेट की उपलब्धता मानक के अनुरूप हो।इस सघन कार्रवाई से जनपद भर में बस संचालकों में हड़कंप मच गया है। वहीं, आम नागरिकों और यात्रियों ने एआरटीओ टीम की इस तत्परता की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि आगे भी इस प्रकार की नियमित चेकिंग से अनधिकृत बस संचालन पर रोक लग सकेगी।
