बाराबंकी। ग्राम पंचायतों में निर्मित सामुदायिक शौचालय के संचालन को लेकर चार स्तर पर मानीटरिंग होगी। इसके लिए आदेश जारी हो चुका है। जिले में प्रति शौचालय चार लाख 99 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। 1155 सामुदायिक शौचालयों के निर्माण पर 57.63 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। अब अधिकांश शौचालय बंद रहते हैं, बिना खुले केयर टेकर का मानदेय निकल रहा है। भवन जर्जर हो चुके हैं। इसकी निगरानी के लिए चार स्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई है। अब पंचायती राज विभाग के पोर्टल पर प्रतिदिन शौचालय का ताला खोलते फोटो भेजनी होगी।
केयर टेकरों के मानदेय का पूर्ण विवरण निरीक्षण आख्या के साथ पोर्टल पर अपलोड होगी। मानदेय भुगतान किस स्तर पर हुआ, इसका विवरण फीड होगा। साथ ही जिला पंचायत राज अधिकारी, उपायुक्त राष्ट्रीय आजीविका मिशन पोर्टल की निगरानी करेंगे। इस पर शिकायत करने की भी व्यवस्था रखी गई है। उपायुक्त पर केयर टेकरों को प्रतिदिन शौचालय खुलवाने, उसकी सफाई, उपस्थिति, मानदेय वितरण की मानीटरिंग की जिम्मेदारी होगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी कमी पाए जाने पर कार्रवाई करेंगे। खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी द्वारा भी सामुदायिक शौचालयों को नियमित मानीटरिंग कर रिपोर्ट अपलोड की जाएगी। डीपीआरओ नीतेश भोंडेले ने बताया कि सामुदायिक शौचालयों की चार स्तर पर देखरेख की जाएगी। अब हर हाल में केयर टेकरों को शौचालयों का संचालन कराना होगा, तभी मानदेय का भुगतना होगा।
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