आगरा। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर देश की रक्षा में लगे वीर सैनिकों की कलाई सूनी न रहे, इसी भाव को साकार करने के लिए आगरा के वनस्थली किड्स स्कूल, कालिंदी बिहार की छात्राओं ने एक सराहनीय पहल की है। छात्राओं ने अपने हाथों से राखियां तैयार कीं और उन्हें डाक के माध्यम से सीमाओं पर तैनात सैनिकों के पास भेजा है।यह अभियान ष्ऑपरेशन सिंदूरष् के अंतर्गत चलाया गया, जिसका उद्देश्य त्योहार के अवसर पर देशभक्ति और भाइचारे की भावना को सुदृढ़ करना है।
स्कूल के चेयरमैन वीरेंद्र कुमार मित्तल ने कहा देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले हमारे वीर सैनिक सर्दी-गर्मी की परवाह किए बिना, माइनस डिग्री तापमान में भी मुस्तैदी से तैनात रहते हैं। ऐसे सच्चे सपूतों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हम उन्हें त्योहारों की भावना से जोड़ें और उनके त्याग को सम्मान दें।
बच्चों में देशप्रेम की भावना जागृत करना हमारा कर्तव्य है। यह पहल न केवल रचनात्मक है, बल्कि बच्चों को सैनिकों के संघर्ष और बलिदान को समझने का अवसर भी देती है।
वीरेंद्र कुमार मित्तल, चेयरमैन ने कहा हमारा उद्देश्य बच्चों को सामाजिक और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ना है। इस प्रयास से बच्चों ने सीखा कि रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि एक भावनात्मक रिश्ता है देश के रक्षकों के साथ।
यह प्रयास न केवल बच्चों के भावनात्मक विकास को दर्शाता है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि भावनाएं सीमाओं की मोहताज नहीं होतीं। जब राखी जैसी एक डोर सैनिकों की कलाई तक पहुँचती है, तो उसमें संपूर्ण राष्ट्र की आस्था और अपनापन बंधा होता है।
