शाहबाद। किसानों के जिन खेतों में लगातार बारिश के कारण पानी भर गया है और आसपास जल निकासी संभव है तो खेत से तत्काल जल निकासी के प्रयास करें। लगातार बारिश से मिट्टी के मुलायम होने और हवा के प्रभाव से जिन क्षेत्रों में गन्ना गिर रहा है या गिरने की संभावना है, उन क्षेत्रों में गन्ना गिरने के 24 घंटे के भीतर गन्ना पुनः खड़ा करके बांधने का भी प्रयास करें।
जिला गन्ना अधिकारी शैलेश मौर्या ने बताया कि बसंत कालीन गन्ना बुवाई में नुकसान की ज्यादा संभावना के दृष्टिगत खेत से पानी उतारने के बाद इसमें कार्बेन्डाजिम या थायोफिनेट 01 लीटर और एनपीके 05 किग्रा से 1000 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने से पौधे की बढ़वार बढ़ जाती है।उन्होंने किसानों से अनुरोध किया हुआ कि गन्ने में बाढ़ या बारिश के पानी के भराव से होने वाले नुकसान से बचने और गन्ने से संबंधित किसी भी समस्या या सहयोग के लिए गन्ना विभाग से सहयोग ले सकते हैं।
किसानों की सुविधा के लिए जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय और सहकारी गन्ना विकास समितियों पर कंट्रोल रूम स्थापित कराया गया है। जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय का कंट्रोल रूम नंबर 0595 3583973 है। इसी प्रकार सहकारी गन्ना विकास समिति रामपुर का कंट्रोल रूम नंबर 7081202497, सहकारी गन्ना विकास समिति स्वार का 7081202494, सहकारी गन्ना विकास समिति बिलासपुर का 7081202305 और सहकारी गन्ना विकास समिति मिलक का कंट्रोल रूम नंबर 7081202314 है।
