बलिया। विरासत की गौरवमयी थाती को समेटे लखनेश्वरडीह आज अपनी पहचान को तरस रहा है। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसड़ा तहसील अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र में स्थित यह ऐतिहासिक स्थल अपने गर्भ में कई राजवंशों के उत्थान व पतन का गवाह रहा है। छोटी सरयू यानी टोंस नदी के किनारे स्थित यह टीला दो जिलों में ही नहीं, बल्कि दो-दो विधानसभा क्षेत्र के लोगों व जनप्रतिनिधियों की सांझी धरोहर है। सांझी इसलिए कि रसड़ा विधानसभा क्षेत्र की सरहद जहां खत्म होती है वहीं से गाजीपुर जनपद के जहूराबाद विधानसभा क्षेत्र की सीमा शुरू होती है।
इस ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल को उजागर कर इसे पर्यटन के नक्शे पर लाने का कोई प्रयास नही किया। अति प्राचीन ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल होने बावजूद इसकी अपनी कोई पहचान के लिए तरसता है यह श्रीराम प्रभु के भाई लखन दवारा स्थापित शिव मन्दिर। यह केवल धार्मिक स्थल ही नहीं है, बल्कि इसका ऐतिहासिक महत्व का भी है। आज भी इस डीह की खुदाई के दौरान छोटे-बड़े शिवलिंग व विष्णु की मुर्तिया मिलती रहती हैं जो इसके ऐतिहासिक व धार्मिक पहलुओं को मजबूत करती हैं। यही नहीं इस स्थान का उल्लेख रामायण सहित अन्य धर्मग्रंथों में भी मिलता है। अब क्षेत्रीय विधायक उमाशंकर सिंह के प्रयास से जगी आस।
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