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प्रतापगढः पीएम मोदी की कमजोरी के चलते टैरिफ बढ़ोत्तरी से देश की प्रतिष्ठा पर लगा आघात-प्रमोद तिवारी


लालगंज/प्रतापगढ़। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने चौबीस घंटे के भीतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड टं्रप द्वारा भारत पर अतिरिक्त टैरिफ थोपे जाने को अनुचित एवं अस्वीकार्य करार दिया है। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर पचास प्रतिशत टैरिफ लगाया जाना पीएम मोदी की अमेरिका के सामने राष्ट्रीय हितों पर लगातार चुप्पी का नतीजा है। उन्होने टैरिफ बढ़ोत्तरी को लेकर पीएम मोदी पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि अमेरिका के सामने उनकी खामोशी से पूरे देश का गौरव धूमिल हो रहा है। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि राष्ट्रहित सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता का एजेण्डा रहा है। उन्होने कहा कि पीएम मोदी आखिर देश को यह क्यां नहीं बता पा रहे हैं कि अमेरिकी भयादोहन के सामने उनकी चुप्पी का राज क्या है। उन्होने कहा कि पीएम को देश के गौरवशाली अतीत को याद करना चाहिए। बकौल राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति निकसन और उस समय के विदेश मंत्री सिंगर को कड़े अंदाज में यह समझाया था कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों के लिए किसी की भी परवाह नही किया करता है। उन्होने कहा कि पीएम मोदी को शक्ति स्थल पर इंदिरा गांधी की समाधि स्थल पर इस समय जरूर पहुंचना चाहिए। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से शक्ति स्थल पहुंचकर प्रेरणा लें कि देश हित के लिए एक मजबूत नीति के जरिए अमेरिका को कैसे माकूल जबाब दिया जा सकता है। उन्होने तंज कसा कि पीएम मोदी द्वारा अनावश्यक रूप से नमस्ते टं्रप के जरिए की गयी गलबहिया की कीमत आज देश को अपनी स्वतंत्र विदेश और अर्थनीति पर आ रही आंच से चुकानी पड़ रही है। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि तैंतीस बार सीजफायर और टैरिफ में बढ़ोत्तरी पर बढ़ोत्तरी कर अमेरिका देश की प्रतिष्ठा पर लगातार हमलावर है। ऐसे में उन्होने कहा कि उन्होने कहा कि राष्ट्रीय हितों के परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री को अब दृढ़ता दिखानी चाहिए। विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कड़े अंदाज में कहा कि अमेरिका के अनुचित व्यापार समझौते का यह दबाव मोदी सरकार में दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी का भी साफ द्योतक है। वहीं राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर मोदी सरकार संसद में चर्चा से कतरा रही है। उन्होने कहा कि एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पैंसठ लाख कटे वोटों मे आयोग से यह पूछा जाना गंभीर है कि उसने बत्तीस लाख लोगों के पलायन का विवरण आखिर क्यों नही प्रदर्शित किया है। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि चुनाव सुधार को लेकर संसद में चर्चा देश का संवैधानिक अधिकार है। उन्होने कहा कि निर्वाचन आयोग को यह कहीं से कोई भी अधिकार नही है कि वह संवधिन में लोगों को मिले वोट के अधिकार से छेडछाड कर सकें। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार वैदेशिक तथा आर्थिक मामलों में राष्ट्रीय हितों की हिफाजत करने में पूरी तरह नाकाम हो चुकी है। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी का बयान गुरूवार को यहां मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से निर्गत किया गया है।

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