बाराबंकी। जब हमारे सैनिक सीमाओं की रक्षा करते हैं, तो हमारा नैतिक दायित्व है कि उनके परिवारों को किसी भी कानूनी समस्या के समय न्याय के लिए भटकना न पड़े। यह बाते गुरुवार को जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय, में एक लीगल एड क्लीनिक का उद्घाटन अवसर अपर जिला जज व विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्रीकृष्ण चन्द्र ने उपस्थित लोगों के बीच कही।
उन्होंने आगे कहा। सैनिक जब सीमाओं पर खड़े होकर देश की रक्षा करते हैं, तो उनके पीछे छूटे परिवार भी हर दिन साहस, संयम और संघर्ष की परीक्षा में होते हैं। ऐसे ही रक्षक परिवारों की पीड़ा को समझते हुए सेवा केंद्र वीर परिवार सहायता योजना के तहत् लीगल एड क्लीनिक का शुभारंभ किया गया। इस क्लीनिक के जरिये भूतपूर्व सैनिकों, रक्षाकर्मियों एवं उनके परिजनों को स्थानीय स्तर पर निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अब न्याय पाने के लिए उन्हें न वकीलों के दफ्तरों की दौड़ लगानी होगी, न ही कानूनी प्रक्रिया का आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा।कार्यक्रम का संचालन जनपद न्यायाधीश ध्अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रतिमा श्रीवास्तव के निर्देशन में किया गया हुआ। उद्घाटन समारोह में जिला सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारी, भूतपूर्व सैनिकों के परिजन, व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सौरभ शुक्ला (कनिष्ठ लिपिक) समेत कई लोग मौजूद रहे।
