प्रतापगढ़/बाबागंज। मनरेगा में नाबालिगों द्वारा किए गए कार्य एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर की गई शिकायत में जांच करके मनरेगा लोकपाल ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। जांच में उन्होंने प्रधान समेत ब्लाक कर्मियों पर अर्थदंड लगाया है।
बाबागंज ब्लाक के कुशहा मजरें डीह बलई गांव के रहने वाले विजय कुमार मिश्र ने आरोप लगाया था कि उनके गांव में मनरेगा में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। नाबालिगों से मनरेगा की मजदूरी कराई गई है। प्रधान अपने रिश्तेदारों के खाते में सरकारी धन भेजकर भुगतान करा रहें हैं। शिकायत होने के बाद मनरेगा लोकपाल ने जांच शुरू किया तो उन्होंने अपने जांच में पाया कि ग्राम पंचायत डीह बलई ग्राम सभा में कई नाबालिगों के खाते में सरकारी धन भेजा गया है। प्रधान द्वारा अपने रिश्तेदारों के खाते में सरकारी धन को भेजने को भी उन्होंने अपनी जांच में सत्य पाया । मनरेगा लोकपाल समाज शेखर ने सभी नाबालिगों एवं प्रधान के रिश्तेदारों को उनके खाते में भेजी गई मजदूरी को राजकीय कोष में जमा करने का आदेश दिया है। लापरवाही बरतने एवं नियम का पालन न करने के कारण उन्होंने बीडीओ बाबागंज राजेन्द्र नाथ पांडेय, पूर्व पंचायत सचिव काशीनाथ वर्मा,पंचायत सचिव धीरेन्द्र शुक्ल एवं ग्राम प्रधान मुकुंद यादव पर एक-एक हजार का जुर्माना भी लगाया है। जांच के सम्बंध में प्रधान मुकुंद यादव का कहना है कि जांच राजनैतिक विद्वेषता से की गई है। लोकपाल शिकायतकर्ता के रिश्तेदार हैं। शिकायतकर्ता से मिलीभगत करके उनको फंसाया जा रहा है। जो भी जॉब कार्ड बने हैं, वो उनके कार्यकाल के नही हैं। पुनः जांच कराने के लिए डीएम के यहां प्रत्यावेदन दिया जाएगा। जिससे निष्पक्ष जांच हो सके।
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