बलिया। कलेक्ट्रेट पहुंचे आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के अभ्यर्थियों ने सोमवार को निदेशक आयुर्वेदिक सेवाएं उत्तर प्रदेश को संबोधित पत्रक डीएम प्रतिनिधि को सौंपा। आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट सदस्यों ने कहा कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा एक माह पूर्व जारी आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट भेसजिक भर्ती की विज्ञप्ति के विरूद्ध प्रदेश के कुछ प्रशिक्षण प्राप्त आयुर्वेदिक फार्मासिस्टों ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद की शरण ली है।
हम लोग यह भी अवगत कराना चाहते हैं कि उक्त प्रकरण से आपको कई बार अवगत कराया जा चुका है। बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। आयुर्वेदिक फार्मासिस्टों ने कहा कि इतने दशकों के लंबे इंतजार के बाद आई तो वह भी न्यायिक पेंच में उलझकर रह गई। इसके कारण अभ्यर्थियों की मानसिक एवं आर्थिक स्थिति बहुत ही दयनीय तथा अवसादग्रस्त है। अभ्यर्थियों के मन में घोर निराशा छाई हुई है। क्योंकि इनमें एक बड़ा वर्ग आयु सीमा प्रतिबंधित होने के कागार पर आ चुका है।ऐसे में अवसर समाप्त होने का भय सता रहा है। ऐसे में उक्त प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आपको अपने स्तर से तत्काल हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है। अभ्यार्थियों ने मांग किया कि शासन स्तर से उचित प्रभावी पैरवी सुनिश्चित कराई जाए। ताकि मामले का त्वरित न्याय संगत निस्तारण कराकर भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण किया जा सके।
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