बलिया। अपने समर्थकों व रसड़ा विधानसभा के लोगों के साथ सोमवार को बलिया कलक्ट्रेट पहुंचे पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र डीएम को सौंपा। कहा कि 1942 अगस्त क्रांति की शान और स्वतंत्रता आंदोलन की अमिट पहचान बलिया अपने किसानों की आर्थिक खुशहाली और आमजन के स्वस्थ और स्वावलम्बी जीवन का अपना हक मांगता है।
कहा कि बलिया की भौगोलिक स्थिति में तीन तरफ से नदियों के विनाशक रौद्र रूप का शिकार जनपद में रोजी रोटी के लिए नये कल कारखानों के खोलने की बात तो दूर, जो थे वह भी वर्षो से बंद पड़े हैं। बलिया सहित पास-पड़ोस के जनपदों के लिए भी किसानों की लाइफ -लाइन और हजारों युवाओं को नौकरी एवं रोजगार का श्रोत दि किसान सहकारी चीनी मिल्स लि० रसडा बलिया सपा शासन के वर्ष 2013 में घाटे में होने की बात कहकर बंद कर दी गई। गन्ना की ही फसल है जो एक बार बोने के बाद लगाकर तीन बार तक काटा जा सकता है। जिसके कारण बचत अच्छा मिल जाता हैं।
विधानसभा क्षेत्र की चीनी मिल बंद होने से किसान धान, गेहूँ की फसल पर आ गये। जिसमें बचत बहुत कम मिल पाता है। ऐसा होने से किसानों की आर्थिक दशा अत्यन्त खराब हो गई।जिससे उनके बच्चे बच्चियों पढ़ाई, लिखाई, दवाई, शादी विवाह में किसान अपनी खेती की भूमि गिरवी या औने पौने दाम में बेचने लगे है।
चीनी मिल में एथेनाल प्लांट लगाकर उसे हमेशा लाभ के साथ चलाया जा सकता है। कहा कि जिला चिकित्सालय में कार्डियों सर्जन, न्यूरो सर्जन, न्यूरोलाजिस्ट न्यूरो सर्जन, यूरोजालिस्ट,रेडियोलास्टि नेफोलाजिस्ट नहीं है जिसके कारण यह रिफरल हास्पीटल बनकर रह गया है। जोच की मशीन जैसे एक्स-रे आदि चलायी नहीं जाती है यदि चलती भी है तो टेक्निशियन का हवाला देकर कुछ घण्टो ही चलती है।सीएचसी रसड़ा सहित सभी सीएचसी पर फिजिशियन जनरल सर्जन,शिशुरोग विशेषज्ञ, आंख का चिकित्सक, रेडियोलाजिस्ट एक्स-रे मशीन आदि की आवश्यकता है।
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