बाराबंकी। स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर अब जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। मिलावटी और अधोमानक खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा मंगलवार को चलाए गए अभियान के तहत 17 प्रतिष्ठानों पर 6.67 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है।जांच के दौरान सरसों तेल, खोया, बर्फी, दूध, घी, बेसन, मूंगफली, नमक, चायपत्ती, पनीर, सिंघाड़ा आटा और धनिया पाउडर जैसे रोजमर्रा की वस्तुओं में मिलावट पाई गई, जो सीधे जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ है। ये वही खाद्य पदार्थ हैं जो घरों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की थाली में रोज परोसे जाते हैं।
जिन दुकानदारों पर अर्थदंड लगाया गया है, उनमें रवि जायसवाल ,सहादतगंज मेराज ,बिशुनपुर, जितेन्द्र मौर्य देवां, अनुराग गुप्ता कानून गोयान, सर्वेश कोठी, रंजीत कुमार फतेहपुर, अमित कुमार गांधी आश्रम राम नरेश रामसनेहीघाट, शरद गुप्ता सफेदाबाद समेत कई नाम शामिल हैं।अपर जिलाधिकारी अरूण सिंह के आदेशानुसार, जुर्माने की राशि 30 दिनों के भीतर जमा न करने पर भू-राजस्व की भांति वसूली की जाएगी। यानी अब लापरवाही का कोई रास्ता नहीं बचेगा।
इस सवाल ने आम नागरिकों के मन में डर भर दिया है। जिम्मेदार दुकानदार जब जहर परोसने लगें, तो समाज के स्वास्थ्य की नींव हिलने लगती है। प्रशासन की यह कार्रवाई समय की मांग थी, और अब इससे एक कड़ा संदेश गया है ,मिलावट बर्दाश्त नहीं होगी।
खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सलिल कुमार सिंह को हैदरगढ़ पल्लवी तिवारी को नवाबगंज डॉ. अंकिता यादव को फतेहपुर अर्शी फारूकी को सिरौलीगौसपुर अरुण कुमार को रामनगर अनुराधा मिश्रा को रामसनेहीघाट और भगौती प्रसाद को गर पालिका जोन-1 व 2 को नए क्षेत्रों में तैनात किया गया है।अब बारी उपभोक्ताओं की है ,सजग बनें, सवाल पूछें और जहर को थाली में आने से रोकें।
