- प्राधिकरण के उपाध्यक्षध्जिलाधिकारी आवास के पास बहुमंजिला अवैध अपार्टमेंट का मामला।
- प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने पत्रकार वार्ता में अपार्टमेंट मामले में दिया था आश्वाशन।
- प्राधिकरण के पास उक्त अपार्टमेंट का नहीं कोई विवरण, आरटीआई से हुआ खुलासा।
- जिले के बड़े व्यापारियों ने जिलाधिकारी आवास के करीब अपार्टमेंट बनाकर भ्रष्टाचार का दिया प्रमाण।
उन्नाव। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शपथ लेते ही प्रदेश में भूमाफिया के विरुद्ध अभियान चलाने के साथ भूमाफियाओं पर कार्यवाही और अपराधियों को प्रदेश छोड़ने की चेतावनी दी थी। किंतु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार और अपराधियों के प्रति अभियान उन्नाव में प्रशासन की चयनात्मक औपचारिक कार्यवाही भूमाफिया प्रशासन के गठजोड़ की ओर इशारा करते हैं।
विधान केसरी में प्रकाशित उन्नाव में प्राधिकरण के भ्रष्टाचार की प्रतिमूर्ति जिलाधिकारी आवास के समीप दो मानक विहीन अपार्टमेंट की खबर पर विगत दिनों विकास भवन सभागार में प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह की प्रेस वार्ता में एक बार फिर प्राधिकरण के भ्रष्टाचार पर प्रश्न उठाए गए। कई विधायक, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जिलाधिकारी उन्नाव तथा अन्य अधिकारियों के समक्ष पत्रकार ने जिलाधिकारी आवास के समीप मानक विहीन बहुमंजिला अपार्टमेंट पर कार्यवाही के विषय में प्रश्न पूंछा जिस पर प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने पत्रकारों को कार्यवाही के लिए आश्वस्त करते हुए कहा गया कि जिलाधिकारी उन्नाव को निर्देशित कर जल्द प्रभावी कार्यवाही होगी। किंतु प्रशासन ने अपने पूर्व प्रदर्शन का अनुपालन तथा परिचय देते हुए प्रभारी मंत्री के जाने के बाद नोटिस की औपचारिकता पूर्ण कर जिले के बड़े व्यापारियोंध्भूमाफियाओं को बचने का मौका दिया जाने लगा।
लखनऊ में अपने गुड वर्क से पीठ थपथपाने वाले उन्नाव प्रशासन की आला अधिकारियों की जानकारी में छोटे चैराहे पर भी नगर के प्रमुख कपड़ा व्यवसाई ने प्राधिकरण का मजाक उड़ाकर चुनौती देते हुए मानक विहीन बहुमंजिला इमारत खड़ी कर दी, जानकारी के अनुसार आज भी उक्त निर्माण में निर्माण कार्य जारी है।
प्राधिकरण के अधिकारी प्राइवेट कर्मियों की सहायता से प्राधिकरण क्षेत्र में दिन भर मोटरसाइकिल से भ्रमण कर मध्यम वर्गीय तथा गरीबों के आशियानों पर प्राधिकरण के नियम गिनाकर जेबें गर्म करते रहते हैं वहीं दूसरी ओर धनी व्यापारी तथा भूमाफिया खुलेआम प्रशासन को चुनौती देकर कभी जिलाधिकारी आवास के समीप मानक विहीन बहुमंजिला अपार्टमेंट तो कभी व्यस्ततम छोटे चैराहे पर मानक विहीन बहुमंजिला इमारत बनाते रहते हैं। क्या ऐसे बड़े अवैध निर्माणों पर प्राधिकरण का कोई नियम कानून प्रभावी नहीं होता है।
सूत्रों के अनुसार प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जिलाधिकारी उन्नाव के आवास के समीप बने अवैध अपार्टमेंट विवेक गुप्ता, शौनक गुप्ता और रामजी गुप्ता का के हैं। ये लोग जिले के बड़े व्यापारियों में शुमार हैं जो अक्सर नेताओं, अधिकारियों के साथ कार्यक्रमों निजी आयोजनों में फोटो में देखे जाते हैं, ऐसे में प्राधिकरण की कार्यशैली और निष्पक्ष कार्यवाही की उम्मीद न के बराबर है।
विगत दिनों प्रेस वार्ता के दौरान मामला प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह के संज्ञान में आने के बाद निष्पक्ष कार्यवाही की उम्मीद थी जो प्रशासन की चयनात्मक कार्यवाही के चलते ठंडे बस्ते में देखी जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दावों और अभियान पर उन्नाव प्रशासन कितना खरा उतर रहा है यह उन्नाव प्रशासन की कार्यशैली से स्वतः प्रदर्शित हो गया है। मामला उन्नाव प्रशासन से आगे अखबार में प्रकाशित खबर तथा सीधे प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह की जानकारी में होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्यवाही न होना सब कुछ स्वतः प्रदर्शित करता है।
