संग्रामपुर/अमेठी। त्योहारों की खुशियां हर किसी के जीवन में नई उमंग लेकर आती हैं, लेकिन विकासखंड संग्रामपुर में वीबी-जी राम जी योजना से जुड़े करीब 25 कर्मचारियों के लिए इस बार दीपावली आर्थिक संकट के बीच गुजरती नजर आ रही है। पूर्ववर्ती मनरेगा के स्थान पर शुरू की गई नई योजना से जुड़े कर्मचारियों को समय से मानदेय और मजदूरी का भुगतान नहीं होने के कारण उनके परिवारों की त्योहार की खुशियां फीकी पड़ गई हैं। जानकारी के अनुसार, संग्रामपुर ब्लॉक में योजना के तहत तैनात रोजगार सेवकों और तकनीकी कर्मचारियों का पिछले कई महीनों का मानदेय लंबित है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के चलते कर्मचारियों के सामने घरेलू खर्च चलाने से लेकर बच्चों की जरूरतें पूरी करने तक का संकट खड़ा हो गया है। आर्थिक तंगी से परेशान कर्मचारियों को अपने बकाया मानदेय के भुगतान के लिए सोशल मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से गुहार लगानी पड़ रही है। समस्या केवल योजना से जुड़े कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। योजना के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में काम करने वाले हजारों ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान भी समय से नहीं हो सका है। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले श्रमिकों को अपनी कमाई के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में त्योहार के मौके पर उनकी आर्थिक परेशानियां और बढ़ गई हैं। बढ़ते असंतोष और भुगतान में हो रही देरी को देखते हुए शासन स्तर से 7 नवंबर 2026 तक वीबी-जी राम जी योजना के तहत लंबित मजदूरी का भुगतान हर हाल में श्रमिकों के बैंक खातों में भेजने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। अब देखना यह है कि शासन के निर्देशों के बाद कर्मचारियों के लंबित मानदेय और ग्रामीण श्रमिकों की बकाया मजदूरी का भुगतान कब तक हो पाता है। फिलहाल संग्रामपुर ब्लॉक से लेकर ग्राम पंचायतों तक योजना से जुड़े कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए दीपावली की खुशियां भुगतान की प्रतीक्षा में फीकी पड़ती दिखाई दे रही हैं।
कई महीनों से मानदेय अटका, हजारों ग्रामीण मजदूरों की मजदूरी का भुगतान भी लंबित
