लखनऊः दीपावली व धनतेरस के त्योहार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद ! 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेंगी इमरजेंसी सेवाएं - मुख्य चिकित्सा अधिकारी
November 03, 2026
लखीमपुर खीरी। दीपावली व धनतेरस के त्योहार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता के निर्देश पर जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे सक्रिय रखने के कड़े आदेश जारी किए गए हैं। त्योहार के दौरान किसी भी आपात स्थिति, सड़क हादसों अथवाआतिशबाजी व पटाखों से झुलसने की घटनाओं से निपटने के लिए अस्पतालों में विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों में इमरजेंसी वार्ड पूरी तरह से सक्रिय रहें। वहां ऑक्सीजन, मॉनिटर, ड्रिप, बर्न केयर से जुड़ी आवश्यक दवाएं और अन्य जरूरी उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए जाएं। डॉक्टरों, फार्मासिस्टों, स्टाफ नर्सों, वार्ड ब्वॉय और सफाईकर्मियों की राउंड-द-क्लॉक (24 घंटे) रोस्टर बनाकर ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही 108 व 102 एंबुलेंस सेवा के कर्मियों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सूचना मिलते ही मरीज को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल पहुंचाया जा सके। गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल उच्च केंद्र रेफर करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।जिला चिकित्सालय संबद्ध स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ आरके कोली द्वारा भी दीपावली के दृष्टिगत एमर्जेंसी सहित दवाओं के उपलब्धता सहित व्यवस्थाओं को लेकर बताया कि पहले से ही इसकी तैयारी कर ली गई है, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके। उन्होंने बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों से पटाखों से दूर रहने की अपील भी की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आमजन से त्योहार को सुरक्षित ढंग से मनाने की अपील करते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है उन्होंने कहा कि सूती कपड़े पहनें, पटाखे जलाते समय ढीले, रेशमी या सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचें, केवल सूती कपड़े ही पहनें।खुले स्थान पर आतिशबाजी करें, पटाखे हमेशा खुले स्थान पर जलाएं और बच्चों को बड़ों की निगरानी में ही आतिशबाजी करने दें।यदि कोई व्यक्ति आतिशबाजी से झुलस जाता है, तो प्रभावित हिस्से पर तुरंत 15 से 20 मिनट तक साफ बहता हुआ ठंडा पानी डालें। जले स्थान पर टूथपेस्ट, तेल, हल्दी या बर्फ बिल्कुल न लगाएं।आंख में चोट लगने पर आंख में बारूद या चिंगारी जाने पर आंख को रगड़ें नहीं, साफ पानी से हल्के छींटे मारकर धोएं और तुरंत नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें।उन्होंने बताया कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे या एंबुलेंस सेवा को कॉल करें। डॉक्टरी सलाह का पालन करें। सभी इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह से सुचारू रहेगी इसलिए घबराने की किसी तरह की आवश्यकता नहीं है।
