तिलोई/अमेठी। विगत तीस अक्टूबर को मोहनगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शाहमऊ बाजार में दवा लेने आए ग्राम प्रधान ढोढ़नपुर अब्दुल कादिर (खान) के वाहन को दो बार गलत तरीके से ओवरटेक को लेकर हुई कहासुनी ने रविवार को नया मोड़ ले लिया।दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस एक पक्ष से तीन आरोपित मोईनुद्दीन पुत्र मोहब्बत,अरफान उर्फ लल्लू पुत्र सुहैल निवासी सिंहपुर मजरे ढोढ़नपुर व मकसूद पुत्र शहजाद निवासी पूरे लच्छन सिंह मजरे कूरा तथा दूसरे पक्ष के इरकान उर्फ मजहर पुत्र यूनुस खान को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए सीएचसी तिलोई लेकर पहुंची थी।इसी दौरान दो वाहनों से दर्जनों लोग अस्पताल पहुंच गए और डॉक्टर पंकज गुप्ता, व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों तथा पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में अरफान,मकसूद और मोईनुद्दीन पर हमला कर दिया।पुलिसकर्मियों ने बीच बचाव का प्रयास किया लेकिन हमलावरों ने उनकी बात नहीं मानी और तीनों की जमकर पिटाई की।इसके बाद हमलावर पुलिस की मौजूदगी मे तीनों मुल्जिमो को लात घूसों तथा हाकी डंडों से पीटने के बाद फरार हो गए।घटना के बाद अस्पताल में अफरातफरी मच गई। डॉक्टर पंकज गुप्ता ने तत्काल इसकी सूचना मोहनगंज पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची जिसके बाद अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील हो गया। मारपीट में गंभीर रूप से घायल मकसूद अहमद और मैनुद्दीन को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल गौरीगंज रेफर कर दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हैं।
सात हमलावरों के विरुद्ध केस दर्ज
पुलिस कस्टडी में मेडिकल करवा रहे तीन आरोपितों पर जानलेवा हमला करने वाले सात हमलावरों इजहार पुत्र यूनुस खान,यूनुस खान पुत्र फजल,तालिब पुत्र रईश,सिराज पुत्र रियाज,तसलीम पुत्र नशीम,इरकान उर्फ मजहर पुत्र यूनुस खान सभी निवासी गण पूरे शिव सिंह मजरे कूरा कोतवाली मोहनगंज तथा सैफुल्लाह पुत्र सोहराब निवासी तामामऊ थाना जायस के विरुद्ध पुलिस ने अलीशेर की तहरीर पर विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है।बहरहाल घटना में सामिल दो आरोपियों युनुस खान पुत्र फजल और इरकान उर्फ मजहर पुत्र युनुस खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस की साख पर सवालिया निशान
पुलिस कस्टडी में मेडिकल परीक्षण करा रहे तीन आरोपितों पर हुई जानलेवा की घटना पुलिस की साख पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।बात यदि मोहनगंज पुलिस की करें तो मोहनगंज पुलिस की बड़ी दैयनीय स्थित हो गई है,अब आप इस बात से अंदाज लगा सकते हैं कि जिस थाने के पुलिस कर्मी लम्बे समय से तैनात रहकर क्षेत्र में ब्याज का पैसा बांट रहे हो और गांजा स्मैक बेंचवा रहे हो उस थानाक्षेत्र की कैसी कानून व्यवस्था हो सकती है। मोहनगंज क्षेत्र में एक कहावत बड़ी मशहूर है जो पुलिस कर्मी राजभवन की जितनी बेहतर दरबारी कर लेगा,उसका उतना लम्बा कार्यकाल होगा।ऐसे पुलिस कर्मी क्षेत्र में चाहे जितना लूट खसोट करें कोई विरोध करने वाला नहीं है।
सीसीटीवी में भी खेल
जिस मेडिकल कक्ष में पूरी वारदात हुई है वह सीसीटीवी कैमरों से लैश है। लेकिन घटना की जांच कर रहे विवेचना अधिकारी सुरेश चंद्र दीक्षित को मौके से सीसीटीवी फुटेज में कोई साक्ष्य नहीं मिल पाया है। बताया जा रहा है कैमरे खराब हैं। आखिरकार सीएचसी हो या फिर थाना किसी वारदात के बाद जांच होने पर यह सीसीटीवी कैमरे क्यों खराब हो जाते हैं।वह भी उस संवेदनशील स्थान पर जो सीएचसी स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण की चैखट पर हो गजब की व्यवस्था है।
