संग्रामपुर/अमेठी। संग्रामपुर क्षेत्र के बड़गांव स्थित दादाका तारा गांव में मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमा का विधि-विधान से विसर्जन किया गया। नौ दिनों तक चली पूजा-अर्चना और आराधना के बाद मां दुर्गा की विदाई के समय श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। भक्तों ने जय माता दी और माता रानी की जय के जयकारों के साथ मां को भावपूर्ण विदाई दी। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। विसर्जन यात्रा दादाका तारा गांव से शुरू होकर बड़गांव बाजार, थरिया, जगदंबा पेट्रोल पंप और पूरे तालुकदार होते हुए कुड़वा डेहरा स्थित मालती नदी के झारखंड बाबा तट पर पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए। डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों की धुन पर भक्त नाचते-झूमते आगे बढ़े। लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की खुशियां साझा कीं। इस दौरान पटाखे भी फोड़े गए और मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। मां की विदाई के दौरान श्रद्धालुओं ने भावुक मन से माता रानी से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना की। पंडाल से प्रतिमा रवाना होते समय भक्तों ने मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। नौ दिनों तक मां की सेवा और पूजा में जुटे श्रद्धालुओं के लिए विदाई का पल भावुक करने वाला रहा। प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम का नेतृत्व समाजसेवी सुमन सिंह ने अपने पुत्र आनंद और परिवार के सदस्यों के साथ किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के साथ भक्ति गीतों पर नृत्य किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा को मालती नदी के झारखंड बाबा तट पर प्रवाहित किया गया। विसर्जन के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी सुमन सिंह ने बताया कि नौ दिनों तक मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। विजयादशमी के दिन परंपरा के अनुसार मां की प्रतिमा को मालती नदी के कुड़वा डेहरा स्थित झारखंड बाबा तट पर विसर्जित किया गया। उन्होंने मां दुर्गा से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और सभी के कल्याण की कामना की। विसर्जन कार्यक्रम के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संग्रामपुर थाने के उपनिरीक्षक सुरेश चंद्र यादव अपनी पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। पुलिस की निगरानी में विसर्जन कार्यक्रम संपन्न हुआ।
नौ दिनों की पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने दी मां को विदाई, भक्ति गीतों पर झूमते-नाचते निकली विसर्जन यात्रा
