लखनऊ। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आई आई ए)लखनऊ चैप्टर द्वारा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित उद्योगी की महत्वपूर्ण समस्याओं के निराकरण के लिए एक बैठक चेयरमैन आई आई ए लखनऊ चैप्टर श्री वैभव अग्रवाल की अध्यक्षता में दिनांक 10 अक्टूबर 2026 को आई आई ए भवन, विभूति खंड, गोमती नगर, लखनऊ में आयोजित की गई।बैठक के मुख्य अतिथि श्री सुजीत कुमार श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा ) तथा विशिष्ट अतिथि श्री प्रदीप कुमार अधिशासी अभियंता, यूपीसीडा, कंस्ट्रक्शन डिविजन खंड 7 थे।
बैठक का संचालन सीनियर वाइस चेयरमैन श्री मोहित बंसल ने किया।चैप्टर चेयरमैन श्री वैभव अग्रवाल ने मुख्य अतिथि क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीसीडा, लखनऊ श्री सुजीत कुमार श्रीवास्तव के सामने निम्नांकित बिंदु प्रस्तुत किये। मुख्य अतिथि ने सभी बिंदुओं को ध्यान से सुना एवं आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।1. लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे बनने के बाद से सरोजिनी नगर औद्योगिक क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए कोई कटध् रास्ता नहीं है । इंडस्ट्रियल एरिया मे प्रवेश करने के लिए कानपुर रोड की तरफ लगभग3किलोमीटर चलने के बाद यू टर्न लेना पड़ता है जिससे औद्योगिक क्षेत्र में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों, उद्यमियों के वाहनों एवं श्रमिकोंध्कर्मचारियों को 3 किलोमीटर आगे चलकर के यू टर्न के माध्यम से वापस आना पड़ता है जिससे समय, ईंधन की बर्बादी एवं मानसिक दबाव बना रहता है।2. पूर्व में सरोजिनी नगर औद्योगिक क्षेत्र मे पानी की पाइपलाइन डालने के लिए की जल संस्थान द्वारा सड़के खोद दी गई थी। खोदी गई सड़कों पर कुछ पैच वर्क कर कर छोड़ दिया गया था।बरसात में वाहनों के आवागमन से सड़के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं जिन पर आवागमन बाधित हो रहा है।3. सर्व विदित है कि आज उद्योग प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रहा है । ऐसी विषम परिस्थिति में यूपीसीडा द्वारा काफी समय पूर्व से रखरखाव शुल्क पर 14ः ब्याज वसूला जाता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइडलाइंस के अनुसार बैंकों द्वारा तर्कसंगत दरों 7 से 8ः प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। 4. विगत वर्षों में लगातार आर्थिक उतार-चढ़ाव के परिपेक्ष में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित अनकों एमएसएमई इकाइयां बंद हुई है । उनमें से अधिकतर वित्तीय या अन्य किसी विशेष कारण से बीमार होकर बंद हो गई है,उनके पुनर्जीवीकारण के लिए यूपीसीडा से सहयोग की अपेक्षा है। 5. यह सर्व विदित है कि प्लेटेड इंडस्ट्रीज की अवधारणा भारत सरकार का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है इसका मुख्य कारण जमीनों की बढ़ती हुई कीमतें हैं। इस कारण सूक्ष्म एवं लघु उद्योगो की स्थापना अपेक्षित गति से नहीं हो पा रही है।
फ्लैटेड इंडस्ट्रीज के निर्माण से उद्योगों के सामने अनापत्तिययों ध्सहमतियों की बाध्यता भी बहुत हद तक काम हो जाएंगी। इसके अतिरिक्त आई आई ए लखनऊ चैप्टर की विशेष मांग थी कि चिनहट औद्योगिक क्षेत्र में स्थित सीएफसी ( कॉमन फैसिलिटी सेंटर ( को आई आई ए लखनऊ चैप्टर कार्यालय के उपयोग के लिए आवंटित किया जाए,जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर उन्नाव ,रायबरेली एवं अन्य जनपदों की भांति आई आई ए लखनऊ चैप्टर को सीएफसी सेंटर आवंटित करने का आश्वासन दिया जिसका प्रस्ताव भी उनको हस्तगत कर दिया गया।
बैठक मे मुख्य रूप से चैप्टर चेयरमैन श्री वैभव अग्रवाल, सेक्रेटरी श्री राजीव जैन, ट्रेजरर श्री अभिनव कपूर, सीनियर वाइस चेयरमैन श्री मोहित बंसल, श्री आशीष कुमार, फॉर्मर प्रेसीडेंट श्री संजय कौल, श्री मनीष गोयल,डिविजनल श्री विकास खन्ना, डिविजनल सेक्रेटरी श्री राजीव बंसल, फर्स्ट वाइस चेयरमैन आई आई ए लखनऊ चैप्टर श्री अदनान दानिश, फार्मर चेयरमैन लखनऊ चैप्टर श्री के.के. अग्रवाल इलेक्टेड सीईसी मेंम्बर श्री सतपाल बत्रा, वरिष्ठ सदस्य श्री एमके अग्रवाल सहित 100 से अधिक गणमान्य सदस्यों ने प्रतिभाग किया।
