जायस/अमेठी। जनपद के तिलोई विकासखंड के शाहमऊ और आसपास के क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या लगातार बनी हुई है। क्षेत्र में दो गौशालाएं संचालित होने के बावजूद सड़कों और गांवों के आसपास बड़ी संख्या में आवारा पशु घूमते नजर आ रहे हैं। इससे किसानों के साथ-साथ राहगीरों को भी रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक आवारा पशु सड़कों पर झुंड बनाकर बैठे रहते हैं और कई बार अचानक वाहनों के सामने आ जाते हैं। इससे वाहन चालकों को आवागमन में काफी दिक्कत होती है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को पशुओं से बचकर निकलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं खेतों में पहुंचने वाले आवारा पशु किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में दो गौशालाएं होने के बावजूद सड़कों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी बनी रहना गंभीर चिंता का विषय है।आवारा पशुओं समेत क्षेत्र की इन समस्याओं को लेकर आदर्श प्रताप सिंह द्वारा पूर्व में प्रशासन को ज्ञापन भी दिया जा चुका है। ज्ञापन के माध्यम से समस्याओं के समाधान की मांग की गई थी। हालांकि, उनका कहना है कि अब तक ज्ञापन में उठाए गए किसी भी बिंदु पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके चलते समस्या जस की तस बनी हुई है।अब नवांगतुक जिलाधिकारी के सामने क्षेत्रवासियों की उम्मीदें टिकी हैं। फिलहाल देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस समस्या को लेकर क्या कदम उठाता है और क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई के साथ सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित होती है, या फिर राहगीरों और किसानों को इसी तरह परेशानी का सामना करना पड़ता रहेगा।
दो गौशालाओं के बावजूद सड़कों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा, किसान और राहगीर परेशान
