पीलीभीतः वृद्ध को मृत दिखाकर रोकी पेंशन, ग्राम विकास अधिकारी निलंबित! जनसुनवाई में शिकायत के बाद खुली सत्यापन की पोल, जांच में लापरवाही उजागर
October 06, 2026
पीलीभीत। विकास खंड मरौरी के ग्राम पुरवा भूड़ा निवासी वृद्ध बीरवल पुत्र दुलीराम को पेंशन सत्यापन के दौरान मृतक दर्शाकर वृद्धावस्था पेंशन रोक दिए जाने के मामले में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच में ग्राम विकास अधिकारी की लापरवाही प्रथम दृष्टया प्रमाणित होने पर संबंधित ग्राम विकास अधिकारी पवन पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।मामला जनसुनवाई के दौरान सामने आया। बीरवल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर शिकायत की थी कि वह जीवित होने के बावजूद पेंशन सत्यापन में उन्हें मृतक दर्शा दिया गया, जिसके कारण उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच के निर्देश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी के पत्र तथा खंड विकास अधिकारी मरौरी की जांच आख्या के आधार पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने प्रकरण की विस्तृत जांच की। जांच में सामने आया कि ग्राम विकास अधिकारीध्सचिव पवन पटेल ने पेंशन सत्यापन के दौरान बीरवल को मृतक दर्शा दिया था। इसके चलते वृद्ध को सामाजिक सुरक्षा योजना के महत्वपूर्ण लाभ से वंचित होना पड़ा। जांच के दौरान पवन पटेल ने बताया कि प्रधान से मिली जानकारी के आधार पर उन्होंने लाभार्थी को मृतक दर्शाया था। बाद में ग्राम पंचायत स्तर पर जानकारी करने पर बीरवल के जीवित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद उनकी पेंशन दोबारा शुरू कराने की आवश्यक कार्रवाई की गई। जांच में ग्राम विकास अधिकारी द्वारा सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में अत्यधिक लापरवाही बरतने और पदीय दायित्वों का समुचित निर्वहन न करने का मामला प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाया गया। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए पवन पटेल को निलंबित कर दिया। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को किसी भी स्तर पर अनावश्यक रूप से लाभ से वंचित करने, सत्यापन में लापरवाही बरतने अथवा पदीय दायित्वों में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
