अखिलेश यादव के नेतृत्व में 37 सांसदों के मार्च के दौरान कार्रवाई से भड़का आक्रोश जिला मुख्यालय पर धरना देकर सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत। दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव के नेतृत्व में 37 सांसदों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर किए गए मार्च के दौरान सांसदों की गिरफ्तारीध्हिरासत के विरोध की तपिश मंगलवार को पीलीभीत तक पहुंच गई। इसके विरोध में समाजवादी पार्टी ने जिला मुख्यालय पर तत्काल धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार और चुनाव व्यवस्था पर जमकर सवाल उठाए।सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार के नेतृत्व में जुटे पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता का मुद्दा उठाते हुए जोरदार विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के बाद संबंधित मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा गया। बीसलपुर में भी सपा नेता रत्नेश गंगवार के नेतृत्व में उनके पार्टी कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं के साथ विरोध प्रदर्शन किया गया।समाजवादी कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय उसके सवालों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए।जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता लोकतंत्र की बुनियाद है। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर जनता का विश्वास कायम रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाती रहेगी।पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां ‘फूलबाबू’ ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को सुना जाना चाहिए। जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए। चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर उठ रही चिंताओं को गंभीरता से लेने की जरूरत है।पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और जनता का विश्वास बेहद महत्वपूर्ण है। समाजवादी पार्टी संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी। धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन के दौरान सपा जिला महासचिव नफीस अहमद अंसारी, पूर्व प्रदेश सचिव एवं पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव, अधिवक्ता सभा जिलाध्यक्ष ज्योति प्रकाश शुक्ला एडवोकेट, महेश पटेल, रिहान अंसारी समेत तमाम पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
