मेरठ/मवाना। मवाना कस्बे में रविवार को श्री दुर्गा अष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही घरों और मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा की और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में कन्या पूजन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने छोटी-छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनके चरण स्पर्श किए और श्रद्धापूर्वक भोजन कराकर दक्षिणा व उपहार भेंट किए।
रविवार सुबह से ही दुर्गा अष्टमी को लेकर घरों में विशेष तैयारियां देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं ने स्नान आदि से निवृत्त होकर पूजा स्थल की साफ-सफाई की और मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद माता रानी को फल, फूल, मिष्ठान और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की गई। घरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ, मंत्रोच्चारण और माता रानी के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से परिवार में सुख-शांति बनाए रखने और सभी के जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करने की प्रार्थना की।
दुर्गा अष्टमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होने के कारण कस्बे में श्रद्धालुओं ने छोटी कन्याओं को आमंत्रित कर उनका पूजन किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार कन्याओं में मां दुर्गा के स्वरूप का दर्शन किया जाता है। इसी भाव के साथ श्रद्धालुओं ने कन्याओं के चरण धोकर तिलक लगाया और विधि-विधान से पूजन किया। इसके बाद कन्याओं को हलवा, पूरी, चने सहित विभिन्न पकवानों का भोजन कराया गया। भोजन कराने के बाद कन्याओं को दक्षिणा, फल और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया गया। कई घरों में कन्या पूजन के साथ भजन-कीर्तन और माता रानी की आराधना भी की गई।
नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अष्टमी का दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन भक्त मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना कर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। मवाना कस्बे में भी श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ पूजा की और कन्या पूजन के माध्यम से नवरात्र की धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। घरों में सुबह से लेकर दोपहर तक कन्याओं को भोजन कराने और पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा।
दुर्गा अष्टमी के अवसर पर कस्बे में धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से समाज में सुख-शांति, परिवारों में खुशहाली और सभी के जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने की प्रार्थना की। माता रानी के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। कन्या पूजन के साथ लोगों ने मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए परिवार और समाज की मंगलकामना की।
हिंदू धार्मिक परंपरा में कन्या पूजन को शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है। मान्यता है कि छोटी कन्याओं के पूजन और सेवा से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी आस्था के चलते मवाना में श्रद्धालुओं ने कन्याओं को भोजन कराकर सम्मान दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। दुर्गा अष्टमी का पर्व लोगों को श्रद्धा, सेवा, सम्मान और सामाजिक सद्भाव का संदेश भी देता है।
