बता दें कि सपा नेता अंशुमान सिंह के बेटे पर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी को थप्पड़ मारने का आरोप है। नगीना साहनी ने इस मामले में अंशुमान सिंह के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई है। दरअसल, गोरखपुर प्रेस क्लब में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष बृजेश गौतम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे, इसी दौरान एसपी नेता अंशुमान सिंह पहुंचे। फिर, उनके समर्थकों और नगीना साहनी के बीच कुर्सी को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद पहले तो दोनों पक्षों में बहस हुई। इसी दौरान हाथापाई होने लगी। नगीना साहनी का आरोप है कि अंशुमान सिंह और उनके लड़के ने उनके साथ मारपीट की और इस दौरान अवैध पिस्तौल दिखाकर उन्हें मारने की धमकी भी दी गई।
गौरतलब है कि शनिवार दोपहर करीब 2 बजे प्रेस क्लब में ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद ग्रामीण विधानसभा सीट से 2027 के चुनाव में टिकट की दावेदारी कर रहे अंशुमान सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। करीब दो मिनट बाद यानी 2:12 बजे अंशुमान सिंह अपने बैठने की जगह तलाशने लगे। लेकिन ज्यादातर कुर्सियां भरी हुई थीं। सामने की तरफ सपा के पदाधिकारी एक साथ बैठे थे।
फिर, अंशुमान सिंह ने उसी तरफ बैठने की इच्छा जताई और एक कुर्सी मंगवाई। अंशुमान सिंह की ओर से नगीना साहनी से थोड़ा किनारे खिसकने के लिए कहा गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद गाली-गलौज तक पहुंच गया। इसके बाद दोनों पक्षों में हाथापाई की स्थिति बन गई। अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह ने नगीना साहनी की ओर हाथ उठाया। घटना का वीडियो सभागार में मौजूद कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। इसके बाद विवाद और बढ़ गया। करीब 10 से 15 मिनट तक हंगामा होता रहा। सपा नेताओं के साथ पुलिसकर्मियों को भी बीच-बचाव के लिए आना पड़ा। इससे पहले, अखिलेश यादव के जवाब नहीं देने पर ओवैसी भड़क गए थे और कहा था कि पांडवों की तरह सिर्फ 5 गांव मांगे थे, लेकन अब महाभारत तय है।
