लखनऊ। राजधानी के सबसे बड़े और ऐतिहासिक दवा बाजार अमीनाबाद में इन दिनों भारी आक्रोश और उथल-पुथल का माहौल है। ड्रग विभाग की कार्यप्रणाली और मनमाने रवैये से नाराज दवा व्यापारियों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया है। व्यापारियों ने अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर ड्रग विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे शांतिपूर्ण मार्च निकालने को मजबूर होंगे।
व्यापारियों का आरोप है कि ड्रग विभाग बिना किसी ठोस और पारदर्शी सबूत के दवा कारोबारियों को निशाना बना रहा है। हाल ही में 41 लाख रुपये की कथित नकली दवाओं की बरामदगी का मामला सामने आया था, जिसे लेकर व्यापारियों ने अब उस पूरी बरामदगी का विवरण सार्वजनिक करने की खुली मांग कर दी है। व्यापारियों का कहना है कि सिर्फ कागजी दावे करने के बजाय विभाग जनता और कारोबारियों के सामने सच रखे।
प्रदर्शन कर रहे दवा कारोबारियों का तर्क है कि ड्रग्स के इस खेल में केवल अंतिम छोर पर बैठा खुदरा दुकानदार जिम्मेदार नहीं हो सकता। उन्होंने मांग की है कि जांच का दायरा बढ़ाया जाए और इसमें शामिलकृदवा निर्माता (मैन्युफैक्चरर),वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) और सप्लायर।इन सबकी भूमिका की गहराई से पड़ताल की जानी चाहिए। असली जड़ तक पहुंचे बिना सिर्फ दुकानदारों को प्रताड़ित करना न्यायसंगत नहीं है।
व्यापारियों ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि बिना किसी का दोष सिद्ध हुए, मीडिया या अन्य माध्यमों से व्यापारियों के नाम और प्रतिष्ठा को धूमिल किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्यप्रणाली से न केवल कारोबारियों की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच रही है, बल्कि पूरे व्यापारिक समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
व्यापारियों ने दर्द बयां करते हुए बताया कि पिछले चार महीनों से ड्रग विभाग की लगातार कार्रवाई और डर के माहौल के कारण दवा कारोबार आधे से भी कम रह गया है। इसके बावजूद, व्यापारियों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए बाजार पूरी तरह बंद करने के बजाय अपना कारोबार जारी रखा है, ताकि आम मरीजों को जीवनरक्षक दवाओं की किल्लत का सामना न करना पड़े।
अमीनाबाद के दवा कारोबारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ड्रग विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता नहीं लाई और निष्पक्ष जांच नहीं की, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। आने वाले दिनों में व्यापारी अपनी मांगों के समर्थन में सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और ड्रग विभाग की होगी।
