टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में 3 आरोपी गिरफ्तार
October 19, 2026
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच जारी है। रविवार शाम हुई इस घटना में अभिनेता बाल-बाल बच गए, हालांकि उनके दाहिने हाथ पर बारूद से झुलसने के निशान आए हैं। हमलावरों ने उनकी BMW कार को निशाना बनाते हुए सात राउंड गोलियां चलाईं। इस दौरान अभिनेता के ड्राइवर फिरदौस और एक ऑटो रिक्शा चालक को चोटें आईं। घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक टाइगर श्रॉफ फुटबॉल मैच खेलने के बाद जुहू इलाके से निकल रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए तीन लोगों ने उनकी कार पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि इनमें से दो लोगों ने कथित तौर पर गोलियां चलाईं, जबकि तीसरा आरोपी भागने में मदद करने के लिए बाइक पर मौजूद रहा। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों मौके से फरार हो गए। पुलिस अब हमलावरों की पहचान करने और घटना के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।
घटना के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने टाइगर श्रॉफ के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने अभिनेता और उनके परिवार को राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। इस हमले में टाइगर को सीधे गोली नहीं लगी, लेकिन बारूद के कारण उनके हाथ पर चोट आई। वहीं, उनके ड्राइवर और एक ऑटो चालक के घायल होने के बाद पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब सोशल मीडिया पर गैंगस्टर अनिल पंडित और हरमन संधू के नाम से एक पोस्ट सामने आई। कथित तौर पर विदेश में मौजूद इन लोगों ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि, इस पोस्ट के दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस ने पूछताछ के लिए एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी पुलिस को जांच में तेजी लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल, जांच एजेंसियां हमलावरों की पहचान, संभावित साजिश और सोशल मीडिया पर किए गए दावों की सत्यता का पता लगाने में जुटी हैं।
टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में तीनों आरोपियों ने वारदात के बाद जयपुर पहुंचने, वहां से बस के जरिए दिल्ली जाने और फिर नेपाल भागने की योजना बनाई थी। कोटा के एसएसपी ने यह जानकारी दी है। एसएसपी के मुताबिक तीनों आरोपी घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद वहां से निकल गए थे। उनकी योजना ट्रेन के आखिरी पड़ाव जयपुर में उतरने, बस से दिल्ली पहुंचने और वहां से नेपाल फरार होने की थी।
कोटा सिटी पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया है। वहीं, आरोपियों को अपनी हिरासत में लेने के लिए मुंबई पुलिस की एक टीम भी कोटा पहुंच गई है। मामले में आगे की पूछताछ जारी है और पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
