• नगर आयुक्त हिमांशु कौशिक ने बैंकवार की समीक्षा
• पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को समय से ऋण उपलब्ध कराने के दिए
• निर्देश पार्कों की सफाई से लेकर सड़क और पेयजल
व्यवस्था सुधारने तक नगर निगम ने चलाए विशेष अभियान
सनेश ठाकुर/वरिष्ठ संवाददाता
मुरादाबाद (विधान केसरी)। पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण उपलब्ध कराने में बैंकों के स्तर पर हो रही देरी को लेकर नगर निगम प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। नगर आयुक्त हिमांशु कौशिक की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न बैंकों में लंबित ऋण आवेदनों की बैंकवार स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान प्रथम, द्वितीय और तृतीय ऋण श्रेणी के कुल 3,378 आवेदन विभिन्न स्तरों पर लंबित पाए गए। नगर आयुक्त ने सभी संबंधित बैंक प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले एक सप्ताह के भीतर लंबित आवेदनों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को योजना का लाभ समय से मिल सके।
बैठक में बताया गया कि प्रथम ऋण के 1,850, द्वितीय ऋण के 828 तथा तृतीय ऋण के 700 आवेदन लंबित हैं। इनमें ऋण स्वीकृति के लिए लंबित आवेदन, स्वीकृति के बाद ऋण वितरण की प्रतीक्षा कर रहे प्रकरण तथा बैंकों द्वारा वापस किए गए आवेदन शामिल हैं। नगर आयुक्त ने कहा कि ऋण स्वीकृति और वितरण से संबंधित कार्यवाही को प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों से कहा कि पात्र लाभार्थियों के आवेदनों में अनावश्यक देरी न की जाए और सभी लंबित प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण किया जाए।
एसबीआई में सर्वाधिक 1,141 आवेदन लंबित
बैंकवार समीक्षा में भारतीय स्टेट बैंक में सर्वाधिक 1,141 ऋण प्रकरण लंबित मिले। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक में 736, बैंक ऑफ बड़ौदा में 526, प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक में 310, केनरा बैंक में 162, इंडियन बैंक में 145, बैंक ऑफ इंडिया में 71 और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 69 आवेदन लंबित पाए गए।
इसी प्रकार कोटक महिंद्रा बैंक में 37, कर्नाटक बैंक में 29, नैनीताल बैंक में 21, इंडियन ओवरसीज बैंक में 19, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 17, इंडसइंड बैंक में 16, पंजाब एंड सिंध बैंक में 15, डीसीबी मुरादाबाद में 14, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में 12, एक्सिस बैंक में 10, जम्मू एंड कश्मीर बैंक में आठ, एचडीएफसी बैंक में सात, यूको बैंक में पांच, बैंक ऑफ महाराष्ट्र में चार तथा बड़ौदा यूपी बैंक में दो प्रकरण लंबित हैं। वहीं आईसीआईसीआई बैंक और सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में एक-एक आवेदन लंबित पाया गया। नगर आयुक्त ने सभी बैंकों को निर्धारित एक सप्ताह की समयसीमा में कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में परियोजना अधिकारी डूडा श्रीमती रिनग्धा चतुर्वेदी, अग्रणी जिला प्रबंधक प्रगेन्द्र प्रसाद सहित भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक और उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के प्रतिनिधियों के साथ डूडा के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
पार्कों की सफाई और हरियाली के लिए चला विशेष अभियान
शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाए रखने के लिए नगर निगम के उद्यान विभाग की ओर से महानगर के विभिन्न पार्कों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पार्कों में घास की कटाई कराई गई तथा कूड़ा-कचरा और अन्य अपशिष्ट हटवाकर साफ-सफाई सुनिश्चित की गई। इसके साथ ही पेड़-पौधों की देखरेख, सिंचाई और संरक्षण से जुड़े कार्य भी कराए गए। नगर निगम प्रशासन के अनुसार शहर के हरित क्षेत्रों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।
सड़कों और नालियों की मरम्मत के साथ हटाया गया मलबा
नगर निगम के निर्माण अनुभाग की ओर से महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं सुधार से संबंधित कार्य कराए गए। इसके अंतर्गत सड़क की पैच मरम्मत, नालियों की मरम्मत, सड़क सुधार तथा विभिन्न स्थानों से मलबा और मिट्टी उठाने का कार्य कराया गया। इन कार्यों का उद्देश्य शहर की सड़कों की स्थिति बेहतर बनाने के साथ नागरिकों को आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत दिलाना है।
11 वार्डों में पाइपलाइन लीकेज ठीक, तीन वार्डों में गंदे पानी की शिकायत दूर
जलकल विभाग की ओर से पेयजल संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए भी कार्रवाई की गई। विभागीय जानकारी के अनुसार वार्ड संख्या 29, 24, 20, 17, 19, 62, 10, 15, 12, 35 और 33 में पेयजल पाइपलाइन में लीकेज की मरम्मत कराई गई। वहीं वार्ड संख्या 13, 42 और 56 में गंदा पानी आने की शिकायतों का निस्तारण किया गया। नगर निगम का कहना है कि पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर नागरिकों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
