Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

दो दिनों में 182 जोड़ों के विवाह संपन्न, जरूरतमंद परिवारों के चेहरों पर खिलीं खुशियां

  • 30 अक्टूबर को 93 और 31 अक्टूबर को 89 जोड़ों ने थामा एक-दूसरे का हाथ, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से बेटियों को मिला सम्मान और आर्थिक संबल

  • 31 अक्टूबर को क्षत्रीय पैलेस, हमीरपुर रोड कठेरुआ में हुआ भव्य आयोजन, विधायक सरोज कुरील सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद


विधान केसरी समाचार 

लखनऊ/कानपुर नगर। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जनपद कानपुर नगर में लगातार दो दिनों तक सामूहिक विवाह समारोहों का आयोजन कर कुल 182 जोड़ों का विवाह पूरे हर्षोल्लास एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया। 30 अक्टूबर को 93 जोड़ों तथा 31 अक्टूबर को 89 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। इन दोनों आयोजनों को सफल बनाने में जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेन्द्र कुमार गौतम के नेतृत्व, कुशल मार्गदर्शन एवं विभागीय समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

31 अक्टूबर को आयोजित सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन क्षत्रीय पैलेस, हमीरपुर रोड, कठेरुआ, विधानसभा क्षेत्र विधनू, कानपुर नगर में किया गया। कार्यक्रम में घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती सरोज कुरील, पतारा ब्लॉक प्रमुख श्रीमती कोमल सिंह सेंगर, खंड विकास अधिकारी  शिवनरेश, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी एवं कार्यक्रम के सह नोडल अधिकारी  विनय कुमार उत्तम तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेन्द्र कुमार गौतम सहित अनेक गणमान्य अतिथि, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

दो दिनों में 182 जोड़ों के जीवन में आई नई खुशियां

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 30 अक्टूबर को आयोजित समारोह में 93 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इसके अगले दिन 31 अक्टूबर को क्षेत्रीय पैलेस, कठेरुआ में 89 जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर नए जीवन की शुरुआत की। इस प्रकार दो दिनों में कुल 182 जोड़े इस महत्वाकांक्षी योजना से लाभान्वित हुए।


31 अक्टूबर के कार्यक्रम में विकास खंड भीतरगांव के कुल 89 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इनमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 72 जोड़े, अन्य पिछड़ा वर्ग के 12 जोड़े, सामान्य वर्ग के दो जोड़े तथा अल्पसंख्यक वर्ग के तीन जोड़े शामिल रहे। सभी जोड़ों का विवाह सामाजिक एवं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।

शैलेन्द्र कुमार गौतम के नेतृत्व में योजनाओं को मिल रही प्रभावी गति

दोनों दिनों के आयोजनों में जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेन्द्र कुमार गौतम की सक्रियता और विभागीय जिम्मेदारियों के प्रति गंभीरता विशेष रूप से सराहनीय रही। उन्होंने शासन की मंशा के अनुरूप मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने तथा आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनका प्रयास रहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानजनक वातावरण में संपन्न हो और किसी भी पात्र परिवार को सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े। सामूहिक विवाह जैसे संवेदनशील आयोजनों में व्यवस्थाओं के साथ लाभार्थियों की भावनाओं का ध्यान रखना भी बेहद आवश्यक होता है। शैलेन्द्र कुमार गौतम के नेतृत्व में समाज कल्याण विभाग द्वारा इसी भावना के साथ कार्य किया गया।

विधायक सरोज कुरील ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

कार्यक्रम में उपस्थित घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती सरोज कुरील ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण योजना है। आर्थिक अभाव के कारण जिन परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह की चिंता सताती थी, प्रदेश सरकार की यह पहल उनके लिए बड़ी राहत लेकर आई है। उन्होंने कहा कि बेटियों का सम्मान, सुरक्षा और खुशहाल भविष्य सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी नवदंपतियों को सुखी एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया।

ब्लॉक प्रमुख कोमल सिंह सेंगर ने की सरकार की पहल की सराहना

पतारा ब्लॉक प्रमुख श्रीमती कोमल सिंह सेंगर ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर देने वाली सराहनीय पहल है। एक ही मंच पर विभिन्न वर्गों के परिवारों का एकत्रित होना सामाजिक समरसता और भाईचारे का सुंदर उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाओं से गरीब परिवारों को आर्थिक राहत मिलने के साथ बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक संदेश भी जाता है। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को नए जीवन की शुभकामनाएं दीं।

खंड विकास अधिकारी शिवनरेश ने बताया जनकल्याणकारी योजना

खंड विकास अधिकारी  शिवनरेश ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता और सामाजिक सम्मान दोनों प्राप्त हो रहे हैं। शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह का आयोजन सामाजिक एकता, सहयोग और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का अवसर भी है। उन्होंने आयोजन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए नवदंपतियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विनय कुमार उत्तम ने व्यवस्थाओं और योजना के महत्व पर रखे विचार

जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी एवं कार्यक्रम के सह नोडल अधिकारी विनय कुमार उत्तम ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत मिलने वाली आर्थिक सहायता और गृहस्थी की सामग्री नवविवाहित जोड़ों के लिए नए जीवन की शुरुआत में सहायक साबित होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में समानता, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करते हैं।

शैलेन्द्र कुमार गौतम ने कहा- हर पात्र परिवार तक पहुंचे योजना का लाभ

जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेन्द्र कुमार गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना केवल विवाह संपन्न कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जरूरतमंद परिवारों को सम्मान और आर्थिक संबल प्रदान करने का माध्यम है। किसी भी परिवार के लिए बेटी का विवाह जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर होता है। आर्थिक परिस्थितियों के कारण कोई भी परिवार इस खुशी से वंचित न रहे, इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा यह महत्वपूर्ण योजना संचालित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग की प्राथमिकता है कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ पात्र लोगों तक पहुंचे। विभिन्न वर्गों के जोड़ों का एक ही मंच पर विवाह संपन्न होना सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और एकता का संदेश देता है। उन्होंने नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पति-पत्नी आपसी विश्वास, सम्मान, सहयोग और समझदारी के साथ अपने दांपत्य जीवन को खुशहाल बनाएं। विभाग भविष्य में भी जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।

प्रत्येक जोड़े पर एक लाख रुपये की सहायता

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े पर कुल एक लाख रुपये व्यय किए जाने का प्रावधान है। इसमें 64 हजार रुपये की सहायता राशि कन्या के खाते में ऑनलाइन प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त 21 हजार रुपये की उपहार सामग्री गृहस्थी बसाने के लिए दी जाती है, जबकि 15 हजार रुपये आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं पर व्यय किए जाते हैं। इस प्रकार नवविवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता के साथ नए जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक गृहस्थी सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है।

शहनाई की मधुर धुन और राधा-कृष्ण की रासलीला ने बांधा समां

31 अक्टूबर को आयोजित विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों एवं उनके परिजनों के स्वागत के लिए मुख्य द्वार पर शहनाई वादन की व्यवस्था की गई। स्थानीय कलाकारों द्वारा राधा-कृष्ण की रासलीला पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने समारोह में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की। विवाह स्थल पर उत्साह, उमंग और उल्लास का वातावरण रहा। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देकर उनके सुखद भविष्य की कामना की।

समाज कल्याण विभाग की पहल बनी 182 परिवारों की खुशियों का आधार

कानपुर नगर में 30 और 31 अक्टूबर को आयोजित सामूहिक विवाह समारोह 182 परिवारों के लिए यादगार अवसर बन गए। जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेन्द्र कुमार गौतम के नेतृत्व में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किए गए प्रयासों से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुआ। यह आयोजन इस बात का प्रमाण बना कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जब जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और बेहतर समन्वय के साथ लागू होती हैं, तो उनका लाभ जरूरतमंद परिवारों के जीवन में वास्तविक खुशियां लेकर आता है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |