लखनऊ: बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गोमती नदी में बाढ़ का तटबंध बनवाने की मांग! तटबंध बनने से हजारों किसानों की फसलों को होगा फायदा व तराई इलाके में बाढ़ से मिलेगी निजात - जी०एन० शुक्ला चच्चू
September 14, 2026
लखनऊ। लखनऊ जिले के बख्शी का तालाब विधानसभा क्षेत्र के इटौंजा क्षेत्र में गोमती नदी की बाढ़ से उत्पन्न समस्या के स्थायी समाधान एवं तटबंध निर्माण के संबंध में लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जी०एन० शुक्ला चच्चू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर समस्या का स्थायी समाधान व तटबंध बनवाने की मांग की है। बता दें कि राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब विधानसभा क्षेत्र के इटौंजा क्षेत्र में गोमती नदी के किनारे बसे लगभग 8 से 9 गाँवो प्रत्येक वर्ष गोमती नदी में बाढ़ का पानी आने के कारण प्रभावित होते हैं। बाढ़ के दौरान गाँवों के साथ-साथ आने-जाने वाले रास्ते भी जलमग्न हो जाते हैं, स्कूली छात्र-छात्राओं को परेशानी उठानी पड़ती है और ग्रामीणों को दैनिक आवश्यकताओं का सामान लाने-ले जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से बच्चों को विद्यालय आने-जाने में परेशानी होती है। बाढ़ के कारण पशुओं के चारे की भारी समस्या उत्पन्न हो जाती है तथा किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न होकर नष्ट हो जाती हैं। इससे ग्रामीणों को आर्थिक रूप से काफी नुकसान उठाना पड़ता है और उनकी आजीविका भी प्रभावित होती है। वहीं यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लगभग वर्ष 1990 से लगातार चली आ रही है।जी०एन० शुक्ला चच्चू ने कहा कि मैं क्षेत्र की समस्याओं को जानने तथा स्थानीय लोगों का हाल-चाल लेने के लिए निरंतर क्षेत्र में जाता रहता हूँ। ग्रामीणों से बातचीत करने पर यह स्पष्ट होता है कि प्रत्येक वर्ष बाढ के कारण उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दुर्भाग्यवश, इतने लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक अपेक्षित स्तर पर प्रभावी कदम नहीं उठाए जा सकें हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पत्र के माध्यम से विनम्र अनुरोध है कि इस गंभीर एवं दीर्घकालिक समस्या का स्थायी समाधान कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें। यदि गोमती नदी के दोनों किनारों पर आवश्यकतानुसार ष्मजबूत एवं वैज्ञानिक तरीके से ऊचे तटबंध का निर्माणष् करा दिया जाए, तो बाढ़ के पानी को गाँवों में प्रवेश करने से रोका जा सकता है और नदी के पानी को उसकी निर्धारित धारा में प्रवाहित किया जा सकता है। इससे प्रत्येक वर्ष होने वाले जलभराव, फसलों के नुकसान, पशुओं के चारे की समस्या तथा ग्रामीणों के आवागमन में होने वाली कठिनाइयों से स्थायी रूप से राहत मिल सकेगी। साथ ही, क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा और आने वाले समय में गाँवों में विकास, खुशहाली एवं सुरक्षित जीवन का वातावरण स्थापित हो सकेगा। कहा कि मुख्यमंत्री से अतः आपसे पुनः विनम्र निवेदन है कि जनहित में इस महत्वपूर्ण समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक सर्वेक्षण एवं स्थायी समाधान की कार्यवाही हेतु निर्देशित करने की कृपा करें।
