बलिया। गंगा के जलस्तर में गिरावट शुरू होने के बाद भी बाढ़ खंड ने राहत की सांस नहीं ली है। तटवर्ती क्षेत्रों में पानी का दबाव कम होने के बावजूद बंधों की सुरक्षा को लेकर विभागीय टीम दिन-रात गश्त कर रही है। संवेदनशील और कमजोर स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि जलस्तर में उतार के दौरान भी किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
बाढ़ खंड बलिया के सहायक अभियंता द्वितीय एसके प्रियदर्शी के नेतृत्व में विभागीय टीम विभिन्न बंधों और रिंग बंधों का लगातार स्थलीय निरीक्षण कर रही है। जेई अमरनाथ वर्मा, वसीम अहमद और जगवीर प्रजापति समेत विभागीय कर्मचारी दिन में निरीक्षण के साथ रात में भी बंधों पर गश्त कर रहे हैं।
विभाग की टीम खासतौर पर उन स्थानों पर नजर रख रही है, जहां हाल में बाढ़ के पानी का दबाव अधिक रहा है या बंधों के कमजोर होने की आशंका है। निरीक्षण के दौरान बंधों की स्थिति, पानी के दबाव और संभावित कटाव वाले स्थानों की जांच की जा रही है।
-जलस्तर में कमी के बावजूद विभाग ने संवेदनशील बिंदुओं पर निगरानी कम नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि पानी घटने के दौरान भी बंधों पर दबाव और कटाव की स्थिति में बदलाव हो सकता है। ऐसे में लगातार निरीक्षण जरूरी है। किसी स्थान पर स्थिति बिगड़ने की आशंका होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई के लिए विभागीय स्तर पर तैयारी रखी गई है।
बाढ़ खंड की टीम रात में भी बंधों का निरीक्षण कर रही है। अधिकारियों के अनुसार आपदा की स्थिति में समय पर सूचना मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से दिन-रात निगरानी रखकर संभावित खतरे की जानकारी तत्काल जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
सहायक अभियंता द्वितीय एसके प्रियदर्शी ने बताया कि नदियों के जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई है। इसके बावजूद कार्य क्षेत्र के सभी बंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। दिन के साथ रात में भी टीम निरीक्षण कर रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।
