अमेठी। जनपद में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा न्यायिक प्रक्रिया को समयबद्ध एवं प्रभावी बनाने के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शशांक चैधरी एवं पुलिस अधीक्षक सरवणन टी की संयुक्त अध्यक्षता में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में लंबित मुकदमों, अभियोजन की प्रगति, कानून व्यवस्था और आगामी त्योहारों की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अभियोजन कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था की प्रभावशीलता तभी सुनिश्चित होगी, जब मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण कराया जाए। उन्होंने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनीटरिंग करने तथा लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ’’स्पीडी ट्रायल को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है’’, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके और आमजन का कानून के प्रति विश्वास और मजबूत हो। डीएम ने पुलिस, अभियोजन एवं राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि आपसी तालमेल से ही लंबित मुकदमों में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने गत माह में दर्ज मामलों, न्यायालयों में प्रस्तुत वादों, निस्तारित प्रकरणों और पुराने लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गंभीर एवं संवेदनशील आपराधिक मामलों में साक्ष्य और गवाहों की समय से उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सामान्य वाद, राजस्व वाद और आपराधिक मामलों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए तथा सामने आने वाली बाधाओं का तत्काल समाधान किया जाए। आगामी दुर्गा पूजा, मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन को लेकर भी डीएम ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम, सीओ और थानाध्यक्षों को अपने क्षेत्रों में पीस कमेटी की बैठकें आयोजित कराने को कहा। मूर्ति विसर्जन मार्गों और स्थलों का पूर्व निरीक्षण कर सुरक्षा, प्रकाश, बैरिकेडिंग, साफ-सफाई एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीजे संचालन शासन की निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप कराने को कहा गया। आगामी विधानसभा निर्वाचन की तैयारियों के मद्देनजर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को चिन्हित कर प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करने तथा आवश्यकता के अनुसार गुण्डा एक्ट सहित अन्य विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने कहा कि अपराध नियंत्रण और प्रभावी अभियोजन के लिए पुलिस अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखनी होगी। विवेचनाओं की गुणवत्ता बेहतर होने से न्यायालयों में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकेंगे। उन्होंने महिला अपराध, साइबर अपराध एवं अन्य संवेदनशील मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के निर्देश दिए।
अमेठीः लंबित मुकदमों पर डीएम-एसपी का शिकंजा, ढिलाई मिली तो होगी कार्रवाई
September 24, 2026
अमेठी। जनपद में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा न्यायिक प्रक्रिया को समयबद्ध एवं प्रभावी बनाने के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शशांक चैधरी एवं पुलिस अधीक्षक सरवणन टी की संयुक्त अध्यक्षता में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में लंबित मुकदमों, अभियोजन की प्रगति, कानून व्यवस्था और आगामी त्योहारों की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अभियोजन कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था की प्रभावशीलता तभी सुनिश्चित होगी, जब मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण कराया जाए। उन्होंने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनीटरिंग करने तथा लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ’’स्पीडी ट्रायल को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है’’, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके और आमजन का कानून के प्रति विश्वास और मजबूत हो। डीएम ने पुलिस, अभियोजन एवं राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि आपसी तालमेल से ही लंबित मुकदमों में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने गत माह में दर्ज मामलों, न्यायालयों में प्रस्तुत वादों, निस्तारित प्रकरणों और पुराने लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गंभीर एवं संवेदनशील आपराधिक मामलों में साक्ष्य और गवाहों की समय से उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सामान्य वाद, राजस्व वाद और आपराधिक मामलों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए तथा सामने आने वाली बाधाओं का तत्काल समाधान किया जाए। आगामी दुर्गा पूजा, मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन को लेकर भी डीएम ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम, सीओ और थानाध्यक्षों को अपने क्षेत्रों में पीस कमेटी की बैठकें आयोजित कराने को कहा। मूर्ति विसर्जन मार्गों और स्थलों का पूर्व निरीक्षण कर सुरक्षा, प्रकाश, बैरिकेडिंग, साफ-सफाई एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीजे संचालन शासन की निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप कराने को कहा गया। आगामी विधानसभा निर्वाचन की तैयारियों के मद्देनजर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को चिन्हित कर प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करने तथा आवश्यकता के अनुसार गुण्डा एक्ट सहित अन्य विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने कहा कि अपराध नियंत्रण और प्रभावी अभियोजन के लिए पुलिस अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखनी होगी। विवेचनाओं की गुणवत्ता बेहतर होने से न्यायालयों में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकेंगे। उन्होंने महिला अपराध, साइबर अपराध एवं अन्य संवेदनशील मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के निर्देश दिए।
