हाथी को भगाने गया था वनकर्मी, गुस्साए हाथी ने पलट दिया खेल, आम के पेड़ पर चढ़कर बचानी पड़ी जान
September 02, 2026
ओडिशा के अंगुल जिले में हाथियों को गांव से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे वन विभाग के एक कर्मचारी की जान उस समय खतरे में पड़ गई, जब एक टस्कर हाथी ने अचानक उसका पीछा करना शुरू कर दिया। कर्मचारी ने किसी तरह पास के एक आम के पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। यह घटना मंगलवार को छेंडीपदा वन रेंज के अंतर्गत पटकमुंडा गांव में हुई। अब इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, हाथियों का एक झुंड गांव में घुस आया था। हाथियों के गांव में पहुंचने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की एलीफेंट स्क्वाड मौके पर पहुंची। टीम का उद्देश्य हाथियों को गांव से दूर कर वापस जंगल की ओर भेजना था। वन विभाग के कर्मचारी हाथियों को धीरे धीरे गांव से बाहर की ओर ले जाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान झुंड में शामिल एक टस्कर अचानक एक वनकर्मी की तरफ दौड़ पड़ा।
हाथी को अपनी ओर आता देखकर वनकर्मी ने बचने की कोशिश की। आसपास सुरक्षित जगह नहीं मिलने पर उसने पास मौजूद एक आम के पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। हाथियों का झुंड काफी देर तक उसी पेड़ के आसपास मौजूद रहा। बताया जा रहा है कि हाथी करीब दो घंटों तक पेड़ के पास रहे, जिसके कारण वनकर्मी नीचे नहीं उतर सका। वह काफी देर तक पेड़ पर ही बैठा रहा और हाथियों के वहां से जाने का इंतजार करता रहा।
अपने साथी को पेड़ पर फंसा देखकर वन विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। हालांकि, बताया जा रहा है कि हाथियों ने उन्हें भी दौड़ा दिया। इससे अपने साथी वनकर्मी को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश मुश्किल हो गई। इसके बाद वनकर्मी को पेड़ पर ही इंतजार करना पड़ा। जब हाथियों का झुंड धीरे-धीरे जंगल की तरफ बढ़ने लगा, तब स्थिति कुछ सामान्य हुई। हाथियों के इलाके से चले जाने के बाद वनकर्मी सुरक्षित रूप से पेड़ से नीचे उतर आया। आपको बता दें कि इससे पहले ओडिशा के कटक जिले में एक जंगली सूअर ने 14 साल के बच्चे पर हमला कर दिया था। हालांकि, बच्चा बहादुरी के साथ सूअर से अकेले ही भिड़ गया।
हाथियों के गांव में आने की समस्या बार-बार सामने आ रही है। हाथियों के झुंड गांव में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। हाथियों की लगातार आवाजाही के कारण ग्रामीणों में डर का माहौल बताया जा रहा है। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों ने हाथियों द्वारा नुकसान पहुंचाई गई फसलों और घरों का उचित मुआवजा देने की भी मांग की है। लोगों ने अधिकारियों से इलाके में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और हाथियों को गांव में आने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से लोगों की जान को खतरा न हो।
