Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

लखनऊः नगर निगम में कुर्सी मोह का खेल! तबादले सिर्फ कागजी खानापूर्ति, मलाईदार पदों पर वर्षों से जमे जुगाड़बाज साहब!


लखनऊ। नगर निगम में तबादला नीति का कैसा मखौल उड़ाया जाता है, यह किसी से छिपा नहीं है। आलम यह है कि यहां आने वाले अफसरों और कर्मचारियों की मानो श्कुंडलीश् ही यहीं लिख दी जाती है कि उनकी सेवानिवृत्ति इसी चैखट पर होगी। ष्जो मजा नगर निगम की मलाई में है, वह बाहर कहां!ष्कृइसी ढर्रे पर चलते हुए आठों जोनों में जुगाड़ का खेल धड़ल्ले से जारी है।

निगम के गलियारों का यह तीखा सच खुलकर सामने आ रहा है। बड़े अधिकारियों से लेकर छोटे कर्मचारियों तक, सबने अपना-अपना जुगाड़ फिट कर रखा है। लग्जरी गाड़ियों में घूमने वाले इन कारिंदों पर नियमों का कोई असर नहीं होता। श्अपना बंदाश् हो तो बिना किसी फाइल या पेपर चेकिंग के अंदरखाने सारे काम मिनटों में निपट जाते हैं, जबकि आम जनता को कानून का लंबा पाठ पढ़ाया जाता है। इंजीनियरिंग विभाग के शील श्रीवास्तव जैसे अधिकारी वर्षों से अपनी कुर्सी से टस-से-मस होने को तैयार नहीं हैं। फील्ड की दुश्वारियों या विभाग के किसी भी कार्यक्रम से ये पूरी तरह नदारद रहते हैं। जमीनी काम करने के बजाय एसी कमरों की हवा खाना और सरकारी पैसे पर ऐश करना ही इनकी कार्यशैली बन चुका है। ट्रांसफर के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की जाती है। भारी-भरकम जुगाड़ और रसूख के बल पर अधिकारी मलाईदार चैकियों पर सालों-साल डटे रहते हैं और व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हैं।

नगर निगम में जनसेवा का दावा करने वाले ये श्कुर्सीप्रेमीश् अधिकारी भ्रष्टाचार और मनमानी की मिसाल बन चुके हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि यहां कानून नहीं, सिर्फ जुगाड़ का राज चलता है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |