भांवरकोल/गाजीपुर। क्षेत्र में शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही घरों और मंदिरों में पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान अनंत की विधि-विधान से पूजा की और कथा का श्रवण किया। पूजा के बाद भुजा में अनंत सूत्र बांधकर सुख-समृद्धि और परिवार के मंगल की कामना की।
क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पंडितों के माध्यम से भगवान अनंत की पूजा कराई गई। पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने पुआ-पकवान, पूड़ी, सेवई और मिष्ठान का प्रसाद ग्रहण किया। अनंत सूत्र में 14 गांठें बांधने की परंपरा है, जिन्हें भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप और चैदह लोकों का प्रतीक माना जाता है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार वनवास के दौरान भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को अनंत चतुर्दशी का व्रत करने की सलाह दी थी। इसके बाद पांडवों ने विधि-विधान से भगवान अनंत की पूजा की।
कनुवान निवासी पंडित बबुआ पांडेय ने बताया कि अनंत चतुर्दशी भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की आराधना का पर्व है। अनंत सूत्र की 14 गांठों का विशेष धार्मिक महत्व है। पूरे क्षेत्र में दिनभर भगवान अनंत के जयकारे गूंजते रहे और श्रद्धालुओं ने सुख-शांति व समृद्धि की कामना की।
