भांवरकोल/गाजीपुर। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से क्षेत्र के विभिन्न गांवों पर अब बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार को गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के साथ ही पानी निचले इलाकों में फैलना शुरू हो गया है। इससे तटवर्ती क्षेत्र के किसान चिंतित और मायूस नजर आ रहे हैं।
गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण पानी अब रिहायशी और कृषि क्षेत्रों की ओर रुख करने लगा है। भांवरकोल क्षेत्र में वीरपुर भागड़ नाले के रास्ते गंगा का पानी शेरपुर होते हुए लालूपुर गांव तक पहुंच गया है। इससे शेरपुर-आमघाट मार्ग अवरुद्ध हो गया है। वहीं, फिरोजपुर होते हुए बाढ़ का पानी भागड़ नाले से आमघाट, नकटीकोल और रानीपुर होते हुए पखनपुरा एवं कुंडेसर तक पहुंच गया है। फिरोजपुर-धर्मपुरा पुल के ऊपर से बाढ़ का पानी बहने लगा है। ऐसे में इन गांवों का तहसील क्षेत्र से संपर्क टूटने की आशंका बढ़ गई है।
मैदानी और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भरने से स्थानीय लोगों के सामने पशुओं के चारे का भी गंभीर संकट खड़ा होने लगा है। वहीं, व्यावसायिक खेती के तहत क्षेत्र में इस समय बड़े पैमाने पर किसानों ने सैकड़ों हेक्टेयर खेतों में मिर्च, गोभी, टमाटर, लौकी और करैला समेत विभिन्न सब्जियों की खेती की है। खेतों में पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष आई बाढ़ में हाईवे-31 से दक्षिण बांध क्षेत्र के शेरपुर सहित आसपास के कई गांवों में फसलें पूरी तरह तबाह हो गई थीं। यदि इस बार भी बाढ़ आई तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा और उनकी कमर टूट जाएगी। गंगा के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
