लखनऊ। नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार को लखनऊ पहुंचकर सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी। राजधानी के ईको गार्डन में मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले एक सप्ताह से आंदोलनरत पंचायत सहायकों के धरना प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे चंद्रशेखर आजाद ने जहां एक तरफ प्रदर्शनकारियों के हक की आवाज बुलंद की, वहीं दूसरी तरफ बहुजन समाज पार्टी के नेशनल को-ऑर्डिनेटर आकाश आनंद को खुला सियासी न्योता भी दे दिया।
ईको गार्डन में मीडिया और समर्थकों से बात करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने बीएसपी नेतृत्व पर इशारों-इशारों में तंज कसा। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी में उनके लिए तो रास्ते और दरवाजे पूरी तरह बंद हो चुके हैं, लेकिन आकाश आनंद के लिए उनकी पार्टी के दरवाजे हमेशा खुले हैं। उन्होंने आकाश आनंद से अपील करते हुए कहा कि वे उनकी पार्टी में आ जाएं ताकि दोनों युवा नेता मिलकर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के मिशन को आगे बढ़ा सकें और शोषितों-वंचितों के हक की लड़ाई को मजबूती दे सकें।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए सैकड़ों पंचायत सहायक मानदेय वृद्धि और सेवा से जुड़ी अन्य लंबित मांगों को लेकर पिछले 5-6 दिनों से लखनऊ के ईको गार्डन में जमे हुए हैं। अपनी मांगों पर अड़े पंचायत सहायक तेज धूप से बचने के लिए हाथों में छाते लेकर धरने पर बैठे नजर आए। चंद्रशेखर आजाद के धरना स्थल पर पहुंचते ही उनके समर्थकों और प्रदर्शनकारियों में उन्हें देखने और सुनने की होड़ मच गई। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई लोग पेड़ पर चढ़कर उन्हें देखने लगे। मंच से पंचायत सहायकों को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने अपने अनूठे और सख्त तेवरों में कहा कि जब तक सरकार इन पंचायत सहायकों की जायज मांगें पूरी नहीं करती, तब तक उनके यह भाई किसी की मांग नहीं भरेंगे (शादी नहीं करेंगे)। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस संघर्ष में वे सड़क से लेकर संसद तक उनके साथ खड़े रहेंगे।
