लखनऊः किसानों की फसलों सड़क तक पहुंचा पानी, ग्रामीणों में भय का माहौल! ग्रामीणों का आरोप - बीकेटी तहसील प्रशासन से नहीं मिल रही मदद
September 08, 2026
लखनऊ। लखनऊ जिले के बीकेटी तहसील क्षेत्र इटौंजा क्षेत्र के गोमती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।मंगलवार को जलस्तर बढ़ने से पूर्व माध्यमिक विद्यालय अकड़रिया खुर्द परिसर तक पानी पहुंच गया। किसानों ने बताया कि 75 प्रतिशत धान की फसल जलमग्न हो गई है। इससे ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ने लगी हैं। अब लोग मवेशियों का चारा लेने के लिए पानी में होकर आते जाते हैं, मवेशियों के बांधने की जगह की भी परेशानी होने लगी है। इस क्षेत्र के अंतर्गत सुलतानपुर, बहादुरपुर अकड़रिया कलां, अकड़रिया खुर्द, हरदा, हीरा पुरवा,लासा समेत अन्य गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सतीश नेता उर्फ संतोष पुरी बाबा किसान ने बताया कि खेतों में धान की फसल जलमग्न हो गई है। जलभराव के बीच मवेशियों का चारा लेने पानी में होकर जाना पड़ता है। पानी में विषैले जीव जंतुओं का भी खतरा बढ़ गया है। लोगों ने जलभराव दूर कराने, साफ पानी की आपूर्ति, नियमित फागिंग और एंटीलार्वा छिड़काव कराने की मांग की है। समरसेबल से भी बदबूदार पानी आ रहा है। वहीं लासा गांव में कई झोपड़ियों व मकानों तक पानी पहुंच गया है। वहीं सुल्तानपुर गांव जाने वाले से तत्काल जांच और दवा वितरण की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जलभराव वाले इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर घर-घर सर्वे कराया जाना चाहिए, ताकि बीमार लोगों की पहचान कर समय पर उपचार किया जायें। वहीं खड़ंजा मार्ग पर जलभराव है, जिससे लोग कमर तक पानी में निकल रहे हैं। यदि पक्की सड़क पर भी जलभराव हो गया, तो आवागमन मुश्किल हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अभी प्रशासन ने सुध नहीं ली है। वहीं भाजपा कार्यकर्ता राकेश लोधी बहादुरपुर निवासी ने बताया कि अभी तक ना तो सड़के ऊंची की गई हैं और ना ही यहां पर सड़कों का नवीनीकरण किया गया है,जहां एक और बाढ़ का पानी सड़क पर आ चुका है, लेकिन बीकेटी तहसील के जिम्मेदार अधिकारी क्षेत्रीय नेता इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे कि ग्रामीणों में रोज बना है जहां एक ओर योगी सरकार की हम कार्यकर्ता क्षेत्र में तारीफ करते हैं वहीं नेता इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे कि मन उदास है और बाढ़ का हर साल सामना करना पड़ता है, इसके लिए कोई ठोस इंतजाम अभी तक नहीं किए गए हैं।
