लखनऊ। एलयू विश्वविद्यालय के रवींद्र सिंह हॉस्टल की पानी की टंकी की बदहाल स्थिति को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें हॉस्टल की मुख्य पानी की टंकी के भीतर मच्छर, कीड़े और गंदगी तैरती हुई दिखाई दे रही है। जिस पानी का इस्तेमाल सैकड़ों छात्र नहाने, धोने और पीने के लिए कर रहे हैं, उसकी इस दुर्दशा ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के स्वच्छता के दावों की पोल खोल दी है।
छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल की टंकियों की महीनों से सफाई नहीं की गई है। दूषित और कीड़े-युक्त पानी की सप्लाई से हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। छात्रों का कहना है कि वे पेट दर्द, त्वचा की बीमारियों और संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इस मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारियों के फैलने की आशंका से छात्र खासे दहशत में हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्या हॉस्टल की पानी की टंकियों की नियमित सफाई के लिए कोई समय-सारणी नहीं बनाई गई है ? हॉस्टल में नियुक्त वार्डन और चीफ प्रोक्टर कार्यालय की ओर से बुनियादी सुविधाओं की नियमित जांच क्यों नहीं की जाती ? छात्रों से हर साल लिए जाने वाले मेंटेनेंस और हॉस्टल शुल्क का इस्तेमाल आखिर कहां हो रहा है ?
घटना के सामने आने के बाद छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्रों की मांग है कि पानी की टंकियों की तुरंत वैज्ञानिक तरीके से सफाई और सैनिटाइजेशन कराया जाए। इसके साथ ही, इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार हॉस्टल प्रशासन के अधिकारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में छात्रों के स्वास्थ्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ न हो।
